जिलाधीश डॉ. यशपाल ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तुरंत प्रभाव से जिला की सीमा में गेंहू की फसल की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को जलाने पर आगामी 30 अप्रैल तक प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किये है। इन आदेशों की उल्लंघना करने वाले दोषी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 व सम्पठित वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत कार्यवाही की जायेगी। यह आदेश जनहित में जारी किये गए है।
जिलाधीश डॉ. यशपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपने-अपने नियंत्रण क्षेत्रों में इन आदेशों की पालना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक तथा जिला के समस्त थाना प्रभारी सुनिश्चित करेंगे। जारी आदेश में कहा गया है कि गेंहू की फसल की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। प्राय: कम्बाइन मशीन से गेंहू की कटाई करवाने के बाद फसल अवशेषों को जला दिया जाता है। इन अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण से मनुष्य के स्वास्थ्य व सम्पत्ति की हानी इत्यादि की आशंका बनी रहती है, जबकि इन अवशेषों को पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। फसल अवशेषों को जलाने से पशुओं के चारे की कमी तथा जान-माल के नुकसान का अंदेशा रहता है।

