रोहतक में पीड़ित वसंत विहार लाढोत रोड निवासी नीरज ने बताया कि टेलीग्राम के माध्यम से उसे वर्क फ्रॉम होम ग्रुप से जोड़ा गया और कुछ सामान्य टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने पर उसे कुछ रुपए भी मिले। इसके बाद प्रीपेड टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया, जिसमें वह फंस गया और रुपए गंवा बैठा।
पीड़ित नीरज ने बताया कि शुरुआत में 1000 रुपए का टास्क दिया, जिसे पूरा करने पर 1650 रुपए मिले। इसके बाद 6 हजार का टास्क दिया, जिसे पूरा करने पर 8300 रुपए मिले। इसके बाद 7 हजार का टास्क देकर अलग ग्रुप में जोड़ा गया। वहां एक लिंक दिया, जिस पर वॉलेट बनाकर लॉग इन आईडी बनवाई।
नीरज ने बताया कि आरोपियों ने उससे टास्क की पेमेंट करने के लिए खाते की पूरी डिटेल ले ली। आरोपियों ने कहा कि उसे 4 टास्क पूरे करने हैं, जिसके बाद वह अपना पैसा मुनाफे के साथ निकाल सकता है। इसमें पहला टास्क 7 हजार, दूसरा 60 हजार, तीसरा 4 लाख 50 हजार व चौथा 8 लाख रुपए का था।
नीरज ने बताया कि आरोपियों ने उससे कहा कि तीसरे व चौथे टास्क में गलती हुई है, इसलिए दोनों टास्क दोबारा करने होंगे। तीसरे टास्क के 4 लाख व चौथे के 6 लाख रुपए और मांगे। पैसे डालने के बाद मैसेज आया कि दूसरे प्लेटफार्म पर लॉग इन करें। जब लॉग इन किया तो उसके वॉलेट में 36 लाख रुपए दिखाई दिए।
नीरज ने बताया कि जब उसने अपने वॉलेट से पैसे निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने टैक्स के रूप में उससे 7 लाख रुपए ओर मांगे। इस पर उसे शक हुआ और उसने अपने स्तर पर पता लगाया तो उसे धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी गई।
साइबर क्राइम थाना के जांच अधिकारी एसआई प्रतीक ने बताया कि ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर युवक से 23 लाख रुपए ठगी का केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित नीरज द्वारा जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है।

