Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

मेरठ में पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा, पति की हत्या कर सांप से डसवाने का रचा था नाटक

मेरठ, 16 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप के डसने से हुई मौत दिखाने के मामले में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। वारदात के 547 दिन बाद आए इस फैसले को अदालत ने जघन्य अपराध मानते हुए दोषियों को मृत्युदंड दिया। दोनों पर अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या करने और वारदात छिपाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ने का आरोप साबित हुआ।

अदालत में रो पड़े रविता और अमरदीप

शुक्रवार को सजा सुनाने से पहले ACJM-12 जयवीर सिंह नागर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों दोषियों का पक्ष सुना। अदालत ने पूछा कि वे क्या सजा चाहते हैं। इस पर रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों का हवाला देते हुए उनकी देखभाल की अपील की। वहीं, अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल का हवाला दिया। दोनों अपनी बात रखते हुए रो पड़े।

अदालत ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध माना। फैसले के दौरान जज ने कहा कि केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है। उन्होंने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखने की परंपरा का जिक्र करते हुए इस वारदात को गंभीर बताया।

17 अप्रैल 2025 की रात हुई थी हत्या

अभियोजन के मुताबिक, 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया।

सुबह परिवार को अमित की मौत की जानकारी मिली तो शरीर पर सांप के डसने के निशान देखकर शुरुआत में सांप के काटने से मौत होने का संदेह हुआ। बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में सांप के जहर के प्रमाण नहीं मिले।

सांप खरीदने से लेकर फोन कॉल तक बने अहम सबूत

मामले की जांच में कई अहम सबूत सामने आए। अभियोजन के अनुसार, दोनों ने एक सपेरे से 1,000 रुपये में सांप खरीदा था। सपेरे ने अदालत में बताया कि अमरदीप ने देवी जागरण में पूजा के लिए सांप लेने की बात कही थी।

जांच में दोनों के बीच फोन कॉल और व्हाट्सऐप कॉल की जानकारी भी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमित की हत्या के 24 घंटे के भीतर रविता और अमरदीप के बीच 65 बार बातचीत हुई थी। इसके अलावा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य गवाहों के बयान भी मामले में अहम रहे।

60 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट

पुलिस ने हत्या के करीब 60 दिन बाद चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हुए और 551 दिनों में 87 तारीखों पर सुनवाई हुई। 7 अक्टूबर 2026 को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। अब 16 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।

बेटे की मौत के चार महीने बाद पिता ने भी तोड़ा दम

रिपोर्ट के अनुसार, अमित की हत्या के करीब चार महीने बाद उनके पिता विजयपाल कश्यप की भी सदमे में मौत हो गई थी। अमित की मां मुनेश देवी और अन्य परिजन अदालत में मौजूद रहे। परिवार ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी।

इस मामले में अदालत ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया है। सजा के आगे के कानूनी चरणों और अपील की स्थिति की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

Exit mobile version