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हरियाणा में पिता ने बेटे को फांसी पर लटकाया: दूसरे को जमीन पर पटककर गला घोंटा, चीख सुनकर पड़ोसी बचाने दौड़े, पत्नी की मौत से था परेशान

हरियाणा के पानीपत में एक पिता ने अपने 2 बेटों की हत्या करने का प्रयास किया है। पत्नी की मौत के बाद वह मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। उसने अपने एक बेटे को फांसी पर लटका दिया और दूसरे बेटे को जमीन पर गिराकर उसका गला घोंट दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पडौसी फौरन मौके पर पहुंचे और किसी तरह बच्चों को उनके पिता के चंगुल से छुड़वाया।

पड़ोसियों ने घटना की सूचना एक संस्था के साथ साथ पुलिस को दी। जिसके बाद दोनों बच्चों के साथ साथ उनके 44 वर्षीय पिता सोनू(बदला हुआ नाम) को भी अस्पताल में भेज दिया गया।प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को शेल्टर होम भेज दिया गया है जबकि सोनू को इलाज के लिए रोहतक के पीजीआई में भर्ती करवाया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार मामला पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी का है। जहां सोनू अपने तीन बच्चों के साथ रहता है। उसका सबसे बड़ा बेटा मोहित 13 साल का है और मूक बधिर है, दूसरा बेटा रामा 7 साल का है और तीसरा बेटा शुभम 4 साल का है (तीनों बच्चों के नाम बदले हुए हैं)। सोनू की 32 वर्षीय पत्नी का बीमारी के चलते 15 अगस्त को निधन हो गया था। हालांकि उस वक्त भी सोनू बीमार ही रहता था, लेकिन पत्नी की मौत का उसके दिमाग पर एक गहरा असर पड़ा, जिसकी वजह से वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था।

पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार पत्नी की मौत के बाद सोनू लगातार अपने बच्चों को पीटता रहता है। कभी कभी वो इतना बेकाबू हो जाता है कि घर में रखे सामान के साथ भी तोड़फोड़ शुरू कर देता है। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया की 6 सितंबर की शाम करीब 7 बजे सोनू बहुत बुरी तरह अपने कमरे में चीख रहा था। वहीं पास में उसके तीनों बच्चे भी थे। वह हमेशा की तरह बच्चों को पीट रहा था। चूंकी ये उसका रोज का काम हो चुका था इसलिए पड़ोसियों ने दखल नहीं दिया।

लगातार बच्चों के चीखने की आवाजें आ ही रही थी कि, कुछ ही देर बाद भीतर से मंझला बेटा रामा बाहर आया और उसने रोते हुए पड़ोसियों को बताया कि पापा मार रहे हैं। इसके बाद पड़ोसी तुरंत उसके कमरे में गए। जहां देखा कि सोनू ने कपड़े से गला घोंटकर बड़े बेटे को हवा में लटकाया हुआ है और सबसे छोटे बेटे का हाथ से कस कर गला घोटा हुआ है। पड़ोसियों ने किसी तरह दोनों बच्चों को पिता के चंगुल से छुड़वाया।

प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को शेल्टर होम भेज दिया गया है जबकि सोनू को इलाज के लिए रोहतक के पीजीआई में भर्ती करवाया गया है।

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