चंडीगढ़, 7 नवंबर। हरियाणा में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी देने और प्रथम अपीलों के निपटारे में देरी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रथम अपीलों का निर्धारित समयसीमा में निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। अब अपीलों पर आदेश जारी करते समय अधिकारियों को स्पष्ट और तर्कसंगत कारण भी दर्ज करने होंगे।
सरकार ने प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपीलकर्ता की ओर से उठाए गए सभी प्रमुख बिंदुओं और आधारों पर विचार किया जाए। वहीं, राज्य जन सूचना अधिकारियों (SPIO) को कानून के तहत उपलब्ध कराई जा सकने वाली जानकारी बिना अनावश्यक देरी के देने को कहा गया है।
ये निर्देश हरियाणा राज्य सूचना आयोग की ओर से प्रथम अपीलों के निपटारे में हो रही देरी और पर्याप्त कारणों के बिना आदेश जारी किए जाने पर चिंता जताने के बाद जारी किए गए हैं।
मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(6) का उल्लेख किया गया है। इसके तहत प्रथम अपीलों का निर्धारित समयसीमा में निपटारा करना अनिवार्य है।
निर्देशों के अनुसार, अपील पर फैसला देते समय संबंधित अधिकारी को अपीलकर्ता की ओर से उठाए गए सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार करना होगा। साथ ही आदेश में निर्णय के पीछे स्पष्ट और तर्कसंगत कारण दर्ज करने होंगे, ताकि अपीलकर्ता को यह समझ आ सके कि उसकी मांग पर क्या निर्णय लिया गया और क्यों।
सूचना आयोग ने भी जताई थी नाराजगी
हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने प्रथम अपीलों के निपटारे में देरी और बिना पर्याप्त कारण बताए आदेश पारित किए जाने पर चिंता जताई थी। आयोग ने प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और संबंधित प्राधिकरणों से इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था।
इसके बाद मुख्य सचिव की ओर से अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से अपीलों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।
RTI के लंबित मामलों की संख्या पर भी उठा था सवाल
पिछले दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने हरियाणा राज्य सूचना आयोग से लंबित मामलों की संख्या के बारे में सवाल किया था। इस पर मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने बाद में आंकड़े उपलब्ध करवाने की बात कही थी। हालांकि, उस समय लंबित मामलों की संख्या सार्वजनिक नहीं हो पाई थी।
सरकार के नए निर्देशों से अब RTI की प्रथम अपीलों के निपटारे में समयसीमा और आदेशों की जवाबदेही पर जोर दिया गया है।
