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हरियाणा में नर्स से जानकारी मांगी, हैंड बैंड का साइज लेने के बहाने रेप; एयर होस्टेस ने गुरुग्राम पुलिस को क्या

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती रहने के दौरान अस्पतालकर्मी द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाने वालीं एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए गुरुग्राम आई हुई हैं। वह प्रशिक्षण दौरान स्वीमिंग पूल में डूबने लगी थीं। इससे तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक निजी एयरलाइंस में साल 2003 से एयर होस्टेस के तौर पर काम कर रही हैं। कंपनी की तरफ से एक माह तक चलने वाले प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए आईं। प्रशिक्षण 30 अप्रैल तक चलना है।

एयरलाइंस की तरफ से ही गुरुग्राम में रुकने की व्यवस्था की गई है। पांच अप्रैल को प्रशिक्षण के लिए सेक्टर-35 स्थित एयर होस्टेस अकादमी गई थीं। ड्रिल के दौरान पानी में डूबने लगीं। उसे किसी तरह बचाया गया। तबीयत अधिक खराब होने पर मेदांता में भर्ती करवाया गया। उसे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर आईसीयू में रखा गया। छह अप्रैल को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। आईसीयू में दो महिलाकर्मी देखरेख कर रही थीं। वह बेहोशी की हालत में थी।

हालांकि, वह बातचीत सुन पा रही थीं, लेकिन मुंह में पाइप होने के कारण बोल नहीं पा रही थी। तभी एक युवक आया और दोनों महिलाकर्मियों से इलाज के संबंध में कुछ जानकारी मांगी। वह रिपोर्ट लेने बाहर चली गईं। युवक ने हाथ के बैंड की साइज लेने के बहाने पास आया दुष्कर्म किया। पीड़िता ने सिर हिलाकर विरोध किया तो आरोपी फरार हो गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरोपी को पकड़ने के लिए जांच में पूरी तरह सहयोग करने की बात कही गई है।

सोमवार देर रात को मामला दर्ज करने बाद पुलिस टीम ने नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाया। उसके बाद मंगलवार सुबह पुलिस ने कोर्ट में जाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज करवाए। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर को सदर थाने से एक टीम ने अस्पताल जाकर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। इससे पहले भी जिले के दो अन्य निजी अस्पताल के वार्ड और आईसीयू में भर्ती होने के दौरान छेड़छाड़ और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।

एयर होस्टेस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तबीयत में सुधार होने पर आठ अप्रैल को वेंटिलेटर से हटाकर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। घटना के बाद वह काफी डर गई थीं। इसलिए शुरू में किसी को कुछ नहीं बताया। 13 अप्रैल को डिस्चार्ज होने के बाद वह कंपनी के होटल में आकर रुक गईं। अपने पति को घटना के बारे में जानकारी दी। पति की मदद से वह आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए तैयार हुईं। उसके बाद 14 अप्रैल को पति ने कंट्रोल रूम पर फोन कर घटना के बारे में जानकारी दी।

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