खाली प्लाटों में कूड़ा-कर्कट, गंदगी या जलभराव होने पर नगर निगम पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाएगा। यदि कोई प्लाट मालिक विरोध करेगा तो जुर्माना राशि प्रॉपर्टी आईडी में जोड़ दी जाएगी। इसके बाद न एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) मिलेगी और जुर्माना राशि अदा किए बिना प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा नहीं होगा। यही नहीं, जुर्माना राशि पर डेढ़ फीसदी की दर से ब्याज भी लगेगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में 50 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी खाली प्लाट के रूप में हैं। उनमें से कई प्लाटों में गंदगी अथवा जलभराव हो रहा है। इसको नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सख्त कदम उठाया जाए। इस पर तय किया गया है कि निगम के स्वास्थ्य विभाग के सात एसआई टीमों के साथ अपने-अपने क्षेत्र के खाली प्लाटों में गंदगी अथवा जलभराव मिलने पर जुर्माना लगाएंगे।
