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मेरा सब कुछ चला गया, अब जीकर क्या करूंगा…’, 4 बच्चों की मौत से बदहवास हुआ पिता, DSP ने गले लगाकर संभाला

कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने गया प्रसाद साहू के परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया. हादसे में उनके चार बच्चों की मौत हुई. पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो पिता बदहवास होकर रो पड़े और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए. सिराथू DSP सत्येंद्र तिवारी ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया. वहीं, बुधवार को परिवार को 32 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक मिला.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं. हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की जान चली गई. मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जब चारों के शव गांव पहुंचे तो वहां मातम पसर गया. शवों को देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई.

इसी दौरान इस घटना से जुड़ा एक भावुक वीडियो सामने आया है. इसमें चार बच्चों को खोने वाले पिता गया प्रसाद साहू को सिराथू के DSP सत्येंद्र तिवारी गले लगाकर समझाते और ढांढस बंधाते नजर आए. DSP ने उन्हें सामने रखे तख्त पर बैठाया, उनके गालों पर हाथ रखा और कहा, ‘हम आपके साथ हैं.’ इसके बाद उन्होंने पिता से बच्चों का अंतिम संस्कार करने की अपील की.

गया प्रसाद अपने बच्चों की मौत के बाद मुआवजे की रकम बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हुए थे. मंगलवार शाम बारिश के बीच जब चारों बच्चों के शव घर पहुंचे तो वह खुद को संभाल नहीं सके. बदहवास होकर रोते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरा सब कुछ चला गया, अब जीकर ही क्या करूंगा?’ उन्होंने प्रशासन पर पर्याप्त मुआवजा नहीं देने का आरोप भी लगाया.

बच्चों के शव घर पहुंचने के बाद गया प्रसाद ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतर आए. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया और सड़क जाम कर दी. मामला बढ़ता देखकर सिराथू DSP सत्येंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने दुखी पिता को समझाया और मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया. काफी समझाने के बाद परिवार और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए.

DSP ने पिता से कहा कि प्रशासन उनके साथ है और फिलहाल बच्चों का अंतिम संस्कार कर दें. भावुक माहौल के बीच देर शाम चारों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस दौरान गांव में मातम पसरा रहा. एक परिवार ने एक साथ अपने चार बच्चों को खो दिया, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है.

वहीं, बुधवार को परिवार को सहायता राशि का चेक भी मिल गया. प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान ने गया प्रसाद के परिवार को कुल 32 लाख रुपये का चेक सौंपा. इसमें दैवीय आपदा के तहत 4 लाख रुपये, प्रधानमंत्री सहायता कोष से 2 लाख रुपये और मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2 लाख रुपये की मदद शामिल है. चार बच्चों की मौत के बाद मुआवजे को लेकर परिवार की ओर से लगातार मांग की जा रही थी.

इस हादसे में जान गंवाने वालों में पिपरी थाना क्षेत्र के मीरपुर निवासी गया प्रसाद के बच्चे शामिल हैं. मृतकों की पहचान 10 वर्षीय आदित्य, 2 वर्षीय रवि, 2 वर्षीय अमित और 15 वर्षीय जाह्नवी के रूप में हुई है. एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

मंगलवार को शवों के गांव पहुंचने के बाद पिता की हालत देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए. गया प्रसाद अपने बच्चों को खोने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे. इसी दौरान DSP सत्येंद्र तिवारी ने उन्हें गले लगाकर संभाला और भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ है.

अब परिवार को कुल 32 लाख रुपये की सहायता राशि मिलने के बाद आर्थिक मदद का रास्ता खुला है. हालांकि, चार बच्चों को खोने का दर्द किसी मुआवजे से कम नहीं हो सकता. इस हादसे ने परिवार के सामने ऐसी कमी छोड़ दी है, जिसे भर पाना बेहद मुश्किल है.

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