हाइड्रो पावर सेक्टर के जीनियस माने जाने वाले नंदलाल शर्मा का देहांत हो गया है. 19 जुलाई की सुबह ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें पंचकूला के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है. नंदलाल शर्मा का अंतिम संस्कार आज (गुरुवार, 23 जुलाई) मनीमाजरा में किया जाएगा.
SJVN के पूर्व CMD नंदलाल शर्मा के निधन पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दुख व्यक्त किया है. सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा है, “हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के अध्यक्ष, एसजेवीएन लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री नंद लाल शर्मा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं. ईश्वर दिवंगत की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिवारजन को इस अपार दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करें.”
वहीं, नंदलाल शर्मा के निधन पर हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने भी दुख व्यक्त किया है. उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा है, “सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) के पूर्व चेयरमैन एवं हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री नंद लाल जी के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. श्री नंद लाल जी मूल रूप से जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते थे। अपने परिश्रम, प्रतिभा और कार्यशैली के बल पर उन्होंने देश के ऊर्जा क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई. लगभग सात वर्षों तक SJVNL का सफल नेतृत्व करते हुए उन्होंने संस्था को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और हिमाचल प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया.”
एसजेवीएनएल की साख बढ़ाने में नंदलाल शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनकी कार्यक्षमता व अनुभव को देखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार उन्हें पावर सेक्टर में निरंतर सेवाएं देने के लिए उत्सुक रही. नंदलाल शर्मा 22 मार्च, 2011 से एसजेवीएनएल में निदेशक (कार्मिक) कार्यरत थे. वे एसजेवीएनएल में जुलाई 2008 से प्रतिनियुक्ति पर कार्यकारी निदेशक के तौर पर भी सेवाएं देते रहे. नंदलाल शर्मा ने 1 दिसंबर 2017 को एसजेवीएनएल के सीएमडी के तौर पर काम शुरू किया था. उनके पास कार्मिक एवं प्रशासनिक सेवाओं का तीन दशक का अनुभव था. उनके निधन से पावर सेक्टर का एक रत्न देश से छिन गया है.
नंदलाल शर्मा ने फैकल्टी ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी ऑफ स्लोवेनिया यूरोप से एमबीए की डिग्री हासिल की थी. वे मूल रूप से बिलासपुर एवं ऊना जिले की सीमा पर स्थित गांव डोहक के रहने वाले थे. उनका जन्म 12 फरवरी 1964 को हुआ था. नंदलाल शर्मा ने नौणी स्थित डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी यूनिवर्सिटी से बीएससी एग्रीकल्चर की शिक्षा हासिल की, फिर एग्रीकल्चर इकोनॉमी में ही उनके पास एमएससी ऑनर्स की डिग्री थी. नंदलाल शर्मा ने वर्ष 2011 से एसजेवीएनएल में सेवाएं शुरू की थी.
