उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-45 में रहने वाले एक नवविवाहित युवक अंकित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने अपनी आपबीती साझा की और स्थानीय पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
अंकित की शादी को महज चार महीने ही हुए थे। कुछ दिन पहले वह कांवड़ यात्रा पर गया था। यात्रा से लौटने पर उसके होश उड़ गए जब उसे यह पता चला कि उसकी पत्नी घर छोड़कर किसी अन्य युवक के साथ फरार हो चुकी है।
परिजनों के अनुसार, अंकित को पहले से शक था कि उसकी पत्नी के किसी युवक से संबंध हैं। लेकिन पत्नी के अचानक गायब हो जाने के बाद वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया।
अंकित ने अपनी पत्नी को वापस लाने और न्याय की उम्मीद में थाना सेक्टर-39 और आसपास की पुलिस चौकियों के कई चक्कर लगाए। उसने कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों का आरोप है कि अंकित ने लिखित और मौखिक दोनों तरह से पुलिस से संपर्क किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बार-बार निराश होने के बाद अंकित ने आत्महत्या करने जैसा कठोर कदम उठा लिया।
अंकित ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने पुलिस की निष्क्रियता और अपनी पत्नी की बेवफाई का दर्द साझा किया। उसने बताया कि वह कई बार पुलिस गया लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी।
वीडियो में उसकी आवाज में गहरी निराशा और टूटे हुए दिल की वेदना झलकती है। उसने कहा कि उसे अब कोई उम्मीद नहीं बची है और इसी कारण वह अपनी जान दे रहा है।
अंकित के परिवार वालों ने इस दुखद घटना का सीधा जिम्मेदार पत्नी की बेवफाई और पुलिस की लापरवाही को बताया है। परिजनों ने कहा: “हमारे बेटे ने पुलिस से न्याय की भीख मांगी, लेकिन किसी ने नहीं सुना। अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद आज वह हमारे बीच होता।”
परिजनों ने यह भी बताया कि अंकित की मौत के बाद पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में समय रहते एक्शन लिया जाए, तो कई जिंदगियां बच सकती हैं।
अंकित के परिजन अब इंसाफ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे को तो खो चुके हैं, लेकिन चाहते हैं कि कानून अपना काम करे ताकि और कोई मां-बाप अपने बेटे को न खोए। “हम नहीं चाहते कि कोई और अंकित बने। दोषियों को सजा मिले, ताकि सिस्टम में लोगों का विश्वास बना रहे।”
