हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमित मेहराणा व प्रदेश महासचिव कृष्ण नोहरा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि मांगों को लागू न करने के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी 26 जून को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। सरकार व विभाग के उच्च अधिकारी न तो यूनियन के साथ वार्ता में मानी गई मांगों को लागू करते हैं और न ही सरकारी कर्मचारियों के हितों की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि 2018 में किलोमीटर स्कीम की नीति का कर्मचारियों के विरोध के बावजूद तानाशाही दिखाते हुए रोडवेज के बेड़े में किलोमीटर स्कीम की बसें शामिल की गई, जो आज घाटे का सौदा है और अब सरकार फिर से रोडवेज के बेड़े में किलोमीटर स्कीम की बसें लाना चाहती है।
किलोमीटर बसों के चालक सरकारी कंडक्टर की परवाह किए बिना अपनी मर्जी से बसें चलाते हैं। उसके बाद 2018 में रोडवेज के चालकों व कंडक्टरों का ओवरटाइम बंद कर दिया गया, जो तानाशाही का परिचय था। उन्होंने कहा कि 2023 में ऑनलाइन के बहाने कर्मचारियों की इधर-उधर बदली कर दी गई। फिर भी अधिकारी मांगों को लागू करने की बजाय चालक-परिचालकों के लिए समस्या पैदा कर रहे हैं। कर्मचारी विरोधी फरमान जारी कर रहे है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 23 जून 2023 को रोड़वेज कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति जताई थी। जिनके परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया था। मानी गई मांगों को लागू नहीं किया जा रहा।
सांझे मोर्चे ने सरकार के खिलाफ 26 जून को सभी महाप्रबंधकों के कार्यालयों पर महानिदेशक, अतिरिक्त परिवहन सचिव व सभी महाप्रबंधकों की तानाशाही के खिलाफ 10 से 4 बजे तक भूख हड़ताल करके ज्ञापन दिया जाएगा। अगर सरकार ने 23 जून 2023 को मानी गई मांगों को लागू नहीं किया और जारी फरमानों की वापिस नहीं लिया तो 14 जुलाई को अम्बाला में परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करके आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
