हरियाणा के भिवानी में बारिश के बीच एक मकान गिर गया। मलबे में दबने से 3 बच्चियों की मौत हो गई, जबकि माता-पिता और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी को अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद 3 बच्चियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 3 घायलों को रोहतक PGI रेफर कर दिया।
मृतकों की पहचान कलिंगा गांव निवासी अंशिका (15), दिशा (9) और भारती (7) के रूप में हुई है। ओमपाल (45), उसकी पत्नी अनिता (40) और बेटा ध्रुव (5) घायल हैं। जिस समय हादसा हुआ, सभी लोग सो रहे थे।
घायल ओमपाल ने बताया कि छत गिरने की घटना मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुई। जब हम लोग दब गए तो बचाव के लिए पड़ोसियों को आवाज लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना। रातभर हम मलबे में ही दबे रहे। लड़कियों की दबने के बाद आवाज ही नहीं आई। सुबह जब लोगों ने मलबा पड़ा देखा तो वे मौके पर आए और हमें बाहर निकाला। बारिश के कारण मकान के पीछे पानी भर गया था। इसलिए मकान की नींव कच्ची हो गई और गिर गया।
ओमपाल के चाचा मनबीर ने बताया कि ओमपाल जिस मकान में रह रहा था, उसके पीछे की दीवार के साथ बरसात की वजह से काफी पानी जमा था। मकान के साथ में कोई दूसरा घर भी नहीं था। इस कारण यह हादसा हो गया।
घटना की जानकारी उन्हें सुबह 5 बजे हुई, जब राहगीरों ने मकान को गिरा हुआ देखा तो तुरंत परिवार के सदस्यों को निकालकर रोहतक मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया। मनबीर का कहना है कि परिवार के इलाज का खर्च सरकार उठाए, साथ ही आर्थिक सहायता भी करे।
