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हरियाणा की जेलों में बढ़ेगी कैदियों की खातिरदारी:ब्रेकफास्ट में बिस्किट-रस्क, लंच-डिनर में दाल-चावल-दही; ₹11 करोड़ खर्च बढ़ेगा

हरियाणा की जेलों में कैदियों के डाइट चार्ट में सरकार बदलाव करने जा रही है। इसके लिए जेल विभाग की ओर से सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जिसमें कैदियों के ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में कुछ नई आइटमें व विकल्प जोड़े गए हैं।

ब्रेकफास्ट में ब्रेड-रस्क व फैन के ऑप्शन भी मिल सकेंगे। इसके अलावा लंच और डिनर में रोटी व मौसमी सब्जी के साथ दाल, चावल और दही भी शामिल रहेगा। कैदियों के इस डाइट चार्ट में होने वाले इस बदलाव में करीब 11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक कैदियों पर औसतन खर्च के मामले में हरियाणा पहले ही आंध्र प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर है। इससे पहले सितंबर 2023 में तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कैदियों की डाइट में 10 रुपए की बढ़ोतरी की थी। हालांकि तब डाइट चार्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

हरियाणा के जेलों में बहुत से कैदी सरकारी डाइट पर ही निर्भर नहीं रहते। उन्हें जेल में तय समय पर मिलने वाले सामान्य खाने और चाय का इंतजार भी नहीं होता। क्योंकि अंदर पैसों से सब मिल जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश की जेलों में कैदी और हवालाती हर साल 12 से 15 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर देते हैं। कैदी ब्रांडेड जूते-चप्पल तक ले सकते हैं। कोल्ड ड्रिंक, बिस्किट-नमकीन, फेस क्रीम आदि भी उपलब्ध रहती हैं।

अभी जेल में कैदियों को दिए जाने वाले खाने और नाश्ते को बनाने में 3.41 रुपए मिलाकर 62.83 रुपए की लागत आती है। जेल विभाग के नए प्रस्ताव में खाने बनाने की लागत में कमी आएगी। खाना बनाने में 2.01 रुपए की लागत मिलाकर 75.10 रुपए प्रति कैदी की लागत आएगी। यानी पहले और अब के नए प्रस्ताव में करीब 12.27 रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। टोटल अतिरिक्त खर्च करीब 11 करोड़ 52 लाख रुपए तक का आएगा।

प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया रिपोर्ट-2023 के मुताबिक कैदियों पर खर्च करने के मामले में हरियाणा आंध्र प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर है। उस रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश हर साल एक कैदी पर 2.68 लाख रुपए खर्च करता है, जबकि हरियाणा में 1.60 लाख रुपए और दिल्ली में 1.49 लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। मिजोरम सरकार सबसे कम 2,000 रुपए खर्च करती है।

हरियाणा के 17 जिला जेलों में 22,647 कैदियों को रखने की क्षमता है। हालांकि वर्तमान में जेल ओवरलोड हैं यानी क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं। सभी जेलों में 26 हजार से ज्यादा कैदियों को रखा गया है। प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया रिपोर्ट-2023 के मुताबिक देश में क्षमता से अधिक कैदी रखने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे था। वहां क्षमता से दोगुने तक कैदी बंद रहे। इस मामले में हरियाणा 17वें नंबर पर है। जहां क्षमता से 121 फीसदी कैदी बंद हैं। लद्दाख सबसे बेहतर स्थिति में हैं, जहां क्षमता के मुकाबले सिर्फ 19 फीसदी कैदी बंद हैं

करनाल में अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए एक जेल एकेडमी का निर्माण करवाया गया है। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 21 मई को किया। वर्तमान समय में इस एकेडमी में 117 नए भर्ती वार्डन, सहायक अधीक्षक जेल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से जिला जेल, कुरुक्षेत्र पर एक पेट्रोल पंप और CNG फिलिंग स्टेशन बना है। जिसमें पिछले वर्ष की कुल बिक्री 54 करोड़ रुपए के लगभग रही थी। कुरुक्षेत्र की तर्ज पर केंद्रीय जेल, अंबाला, केंद्रीय जेल-2, हिसार, जिला जेल यमुनानगर, जिला जेल करनाल, जिला जेल सोनीपत के पास भी पेट्रोल पंप खोले गए हैं। अब भिवानी, सिरसा, जींद, फरीदाबाद, नूंह और नारनौल में जेल के पेट्रोल पंप लगाने की मंजूरी मिल गई है।

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