धार्मिक यात्रा की खुशी और जाहरवीर गोगाजी के दरबार में मन्नत मांगने निकले श्रद्धालुओं का सफर कुरुक्षेत्र के पिंडारसी गांव के पास एक भयानक त्रासदी में तब्दील हो गया। कलाल माजरा और आसपास के गांवों से बागड़ धाम (राजस्थान) माथा टेकने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 7 साल के मासूम हर्ष और डेढ़ साल की बच्ची सीरत समेत 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा पिंडारसी बस अड्डे के समीप उस वक्त हुआ जब श्रद्धालुओं से भारी ट्रैक्टर-ट्रॉली दूसरी ट्रॉली को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान सामने से अचानक एक तेज रफ्तार ट्रक आ गया। सीधी भिड़ंत से बचने की हड़बड़ाहट में ड्राइवर ने स्टीयरिंग मोड़ा, जिससे ट्रॉली दूसरी साइड से टकराकर सड़क पर ही पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों में 60 वर्षीय राजकुमारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत पीजीआई-32 चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
इस हादसे ने कई परिवारों को ऐसा जख्म दिया है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं। राज मिस्त्री जसवंत सिंह और उनकी पत्नी रंजीत कौर का इकलौता सहारा 7 साल का हर्ष इस हादसे का शिकार हो गया। जसवंत ने अपने साले के पोते को गोद लिया था और वही उनके पूरे घर की खुशी था। इसी तरह 25 वर्षीय अंजलि और उनकी डेढ़ साल की मासूम बेटी सीरत की एक साथ मौत हो गई। इसके अलावा, कलाल माजरा की लीला देवी (58) और उनकी छोटी बहन बाला देवी (52) ने भी एक साथ दम तोड़ दिया।
ट्रैक्टर चला रहे शांति लाल तीन साल से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे थे और कुछ दिनों पहले ही गांव लौटे थे। अपने 11 साल के बेटे लभीश की सुखना उतारने के लिए वे परिवार के साथ बागड़ जा रहे थे, लेकिन हादसे में उनकी पत्नी बोहती देवी उर्फ पुष्पा देवी (52) की जान चली गई। फिलहाल कुरुक्षेत्र पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मॉर्चरी हाउस में रखवा दिया है और पोस्टमॉर्टम की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
