हिसार जिले के छोटे से गांव भेरिया के 22 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया है। पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में अंकुश ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
इस जीत के साथ भारत का कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित हो गया है, जबकि अब अंकुश की नजर गोल्ड मेडल पर है। रिंग में अंकुश ने शुरुआत से ही आक्रामक और तकनीकी खेल दिखाया। उनकी सटीक पंचिंग, बेहतरीन फुटवर्क और काउंटर अटैक के सामने कनाडाई मुक्केबाज टिक नहीं पाया।
जजों ने सभी पांचों स्कोर अंकुश के पक्ष में दिए। गांव की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे अंकुश की यह सफलता नौ साल की मेहनत, अनुशासन और परिवार के त्याग का परिणाम मानी जा रही है।
