हरियाणा की 6 जेलों में ज्यादा खतरा है। इनमें भोंडसी, फरीदाबाद, नूंह, रोहतक, पानीपत और सोनीपत की जेल शामिल है। इन जलों की सुरक्षा और सतर्कता अन्य जेलों की अपेक्षा ज्यादा बढ़ाई गई है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि इन जेलों में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच अतीत में हुए अत्यधिक झगड़े शामिल हैं।
हरियाणा जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार गैंगस्टर नीरज बवाना, लॉरेंस, काला जथेरी, कौशल, अमित डागर, अमित कालू, विक्रम पपला गुर्जर, प्रदीप कासनी, अजय जेलदार, टेक चंद, चांद रेवाड़ी, कौशल और सूबे सिंह सहित गिरोह के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लगभग 30 कैदियों (दोषियों के साथ-साथ विचाराधीन), जिनके कट्टर गैंगस्टर या गिरोह के प्रमुख सदस्य होने का संदेह है, को उच्च सुरक्षा घेरे में स्थानांतरित कर दिया गया है।
हरियाणा सरकार की ओर से हाई सिक्योरिटी में रखे गए कैदियों को जेल कैंटीन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, चिकित्सा उपचार और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस कारण से इन कुख्यात कैदियों के अनरिस्ट्रिक्टेड मूवमेंट और बातचीत पर पूरी तरह से जेल विभाग की ओर से रोक लगा दी गई है। कैदियों के कोर्ट ट्रायल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यवस्था की गई है।
हाई सिक्योरिटी घेरे में कैदियों की सुरक्षा में सबसे भरोसेमंद अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। किसी अन्य कैदी या अधिकारी की बाड़े तक जाने में पूरी तरह से मनाही की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ( CRPF ) के जवानों को गेट की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है, उन्हें ही हर आने जाने वाले पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही जेलरों की टीमें नियमित रूप से जेल परिसर की तलाशी ले रही हैं। इस तलाशी में कुछ कैदियों ने दैनिक उपयोग के चम्मच से तेजधार वाले हथियार बनाने की कोशिश की है, जिन्हें बरामद कर लिया गया है। इन हथियारों का इस्तेमाल कैदियों के बीच लड़ाई के दौरान किए जाने की संभावना थी। ऐसे हथियारों को जेल परिसर से हटाने का आदेश दिया गया है।

