हरियाणा में नेशनल और स्टेट हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कवायद शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने हाई रिस्क और हाई डेंसिटी वाले स्थानों को चिह्नित कर उन स्थानों पर हाईटेक कैमरे या अन्य उपकरण लगाने के निर्देश विभागों को दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति करने की भी हिदायत दी है। इसके लिए सरकार की ओर से संबंधित विभागों को तैयारियां पूरी करने के लिए 7 मार्च तक का समय दिया है।
नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं की निगरानी और जांच करने के लिए स्पीड कैमरा, क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरा, स्पीड गन, बॉडी वियरेबल कैमरा, डैशबोर्ड कैमरा, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान और मशीन में वजन के माध्यम से आंकलन करेंगे। इस कार्य के लिए रखे जाने वाले विशेषज्ञ राज्य के विभिन्न विभागों को उन जंक्शनों की पहचान करने में सहायता भी करेंगे जहां वाहनों की तेज गति और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संभावना है।
हरियाणा सरकार की ओर से विभागों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए 7 मार्च, 2023 तक समय दिया गया है। साथ ही अपने-अपने विभागों की रिपोर्ट आगामी 14 मार्च, 2023 तक परिवहन आयुक्त को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट उपकरणों को इस तरह से लगाए जाएंगे ताकि यातायात प्रवाह में कोई बाधा, दृष्टि की समस्या या बाधा उत्पन्न न हो।
बारिश, ओलावृष्टि, कोहरे के मौसम की स्थिति के साथ-साथ मार्ग में आगे किसी बाधा को इंगित करने के लिए सड़कों पर स्पीड को सूचित करने के लिए संकेतों के बोर्ड लगाए जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक इन्फोर्समेंट उपकरणों द्वारा निगरानी किए जाने वाले हिस्सों से पहले उपयुक्त चेतावनी संकेत स्पष्ट रूप लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को सूचित किया जा सके कि वे सीसीटीवी निगरानी में हैं।

