Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

कोरोना से बचाव में भी असरदायी है हेपेटाइटिस की दवा

हेपेटाइटिस की दवा कोविड-19 संक्रमण के इलाज में भी असरकारक है। पिछले करीब डेढ़ साल में पीजीआई में आए तीन हजार हेपेटाइटिस मरीजों में से 10 को छोड़ सभी कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रहे। संक्रमित हुए 10 मरीज भी इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गए। पीजीआई की ओर से हेपेटाइटिस मरीजों पर किया गया शोध यही बयां कर रहा है। इस शोध में महामारी से लड़ाई को और आसान बनाने की राह दिखाई है। यही वजह है कि इस दिशा में शोध अभी भी जारी है। संस्थान के दो वरिष्ठ चिकित्सक इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए गहन अध्ययन कर रहे हैं। इस अध्ययन की शुरुआत में संक्रमित मरीजों को सात दिन तक हेपेटाइटिस की दवा दी गई। इसके बाद मरीज निगेटिव पाया गया। अब दवा की और बारीकी से जांच की जा रही है। यह शोध सफल रहा तो संभवत: हम महामारी का सटीक इलाज तलाशने में सफल होंगे।

2020 में महामारी व् लॉकडाउन के चलते कला पीलिया के मरीजों का इलाज छूटने के डर से सरकार ने विशेष व्यवस्था की। जिसके तहत मरीजों को एक बार में तीन महीने की दवा जारी की गई। यही नहीं, दवा मरीज के घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इसके लिए दवा कोरियर करने के साथ आशा वर्कर के जरिये मरीज तक पहुंचाई गई। इससे मरीज हेपेटाइटिस की दवा लगातार लेता रहा। इन मरीजों की स्थिति पर पीजीआई के गेस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट विभाग ने लगातार नजर रखी। पिछले डेढ़ साल में तीन हजार मरीजों को फॉलोअप किया गया। इस दौरान इनमें से 10 मरीजों को छोड़कर सभी कोविड-19 से सुरक्षित मिले। इसकी वजह दवा का असर बताया गया है। हेपेटाइटिस यानी काला पीलिया के इलाज की दवा इम्यून सिस्टम को मजबूत बना रही है। यही कोरोना का इलाज है। संक्रमित हुए हेपेटाइटिस के 10 मरीज भी दवा लेने के बाद स्वास्थ्य हो गए। इनमें से पांच हेपेटाइटिस बी व पांच हेपेटाइटिस सी के मरीज शामिल हैं। इन्हें महामारी की गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।

Exit mobile version