तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे में एक मात्र जीवित बचे वायु सेना के ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वायुसेना ने ट्वीट करके यह जानकारी दी।
बता दें कि इस हादसे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल विपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य कर्मियों की जान चली गई थी। वरूण सिंह इकलौते शख्स थे जो इस हादसे के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे।
वरूण सिंह का बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा था। पिछले गुरुवार को ग्रुप कैप्टन सिंह को तमिलनाडु के वेलिंगटन से बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। बुधवार को हुई दुर्घटना के बाद ग्रुप कैप्टन को गंभीर रूप से झुलस जाने की वजह से वेलिंगटन के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था।
गैलेंट्री अवॉर्ड विनर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह सैन्य परिवार से आते हैं। उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी वरुण सिंह का परिवार तीनों सेनाओं से जुड़ा है- जल, थल और नभ। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह इंडियन एयरफोर्स (IAF) से हैं। उनके पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह आर्मी एयर डिफेंस (AAD) रेजिमेंट में थे। कर्नल केपी सिंह के दूसरे बेटे और ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के छोटे भाई लेफ्टिनेंट कमांडर तनुज सिंह इंडियन नेवी में हैं।
वरुण का परिवार इन दिनों भोपाल में रहता है। वरुण सिंह को इसी साल स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उन्हें यह अवॉर्ड फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बाद भी 10 हजार फीट की ऊंचाई से तेजस विमान की सफल लैंडिंग कराने पर दिया था। वरुण ने आपदा के समय धैर्य नहीं खोया और आबादी से दूर ले जाकर विमान की सफल लैंडिंग कराई थी।

