हरियाणा में आज (13 अगस्त) को जीटी रोड बेल्ट के 5 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ का कहना है कि पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र और करनाल में बारिश आ सकती है। प्रदेश में तीन दिन तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और विभिन्न क्षेत्रों झमाझम बारिश होगी।
जन्माष्टमी (16 अगस्त) से बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। मंगलवार को यमुनानगर, अंबाला, पानीपत, कैथल, फरीदाबाद जिलों में बारिश हुई। इस मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से अधिक बारिश हुई है। हरियाणा में सबसे अधिक बारिश यमुनानगर में हुई है और यहां बरसात का आंकड़ा 700 एमएम को पार कर चुका है। वहीं सबसे कम बारिश जींद में दर्ज की गई है।
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की उत्तरपश्चिमी सीमा अब बठिंडा,, पटियाला, देहरादून, उत्तरपूर्व अरुणाचल प्रदेश के साथ लगती हिमालय की तलहटियों के आसपास बनी हुई है। मानसून टर्फ के थोड़ा नीचे आने से मानसून की गतिविधियों में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है।
इसके चलते 13 अगस्त को उत्तरी हरियाणा के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश तथा पश्चिमी व दक्षिणी हरियाणा के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 14 अगस्त से मानसून टर्फ का दूसरा सिरा उत्तरपूर्व में थोड़ा नीचे बंगाल की खाड़ी की तरफ आने की संभावना है।
इससे नमी वाली हवाएं आएंगी और 14 से 16 अगस्त के दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ने के साथ-साथ दिन के तापमान में हल्की गिरावट रहने की संभावना है। यह बदलाव किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
आईएमडी के अनुसार 13 अगस्त बुधवार को को हरियाणा के 5 जिलों पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र और करनाल में तेज बारिश की संभावना है और यहां बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के अनुसार सिरसा,फतेहाबाद हिसार,भिवानी,रोहतक,दादरी,झज्जर,महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 25 से 50 प्रतिशत बारिश की संभावना है।
वहीं मेवात, पलवल,फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जींद और कैथल में 50 से 75 प्रतिशत और पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर,कुरूक्षेत्र में 75 से 100 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई गई है।
