रोहतक में चर्चित मगन सुहाग सुसाइड केस में आरोपी दिव्या की जमानत याचिका पर आज कोर्ट में फाइनल सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी एएसआई संजय कुमार बैंक डिटेल के बारे में सही जानकारी नहीं दे पाए। इसके चलते जज ने सुनवाई को टाल दिया। अब जमानत याचिका पर कल बहस होगी।
इससे पहले 4 सितंबर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 8 सितंबर तय की थी। वहीं 5 सितंबर को पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया था। अब जमानत याचिका पर फैसला बहस के बाद होगा।
गांव डोभ निवासी मगन सुहाग ने 18 जून को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उसने एक वीडियो बनाकर अपनी मौत के लिए पत्नी दिव्या और महाराष्ट्र पुलिस के सिपाही दीपक को जिम्मेदार ठहराया था।
मामले में 9 जुलाई को आरोपी दिव्या को गोवा से गिरफ्तार किया गया था, जबकि आरोपी दीपक की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है।
एडिशनल सेशन जज शैलेंद्र कुमार की कोर्ट में जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, पीड़ित परिवार के वकील एडवोकेट अशोक कादयान ने अपनी दलील पेश की। उन्होंने बताया कि मगन ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें दिव्या पर रुपए मांगने का दबाव बनाने और माता-पिता को मारकर जमीन बेचने की बात कही गई थी।
वकील ने 1,96,000 रुपए का भी जिक्र किया, जिस पर जज ने जांच अधिकारी एएसआई संजय कुमार से पूछा कि क्या मगन द्वारा दिव्या के एटीएम से रोहतक में पैसे निकालने का कोई प्रमाण है। इस पर एएसआई संजय कुमार कोई जवाब नहीं दे पाए और फाइल देखकर स्थिति समझने लगे।
दिव्या के वकील विनीत वर्मा ने जज शैलेंद्र कुमार को बैंक की स्टेटमेंट की कॉपी दिखाई, जिसमें बताया कि मगन ने पैसे निकाले है। लेकिन जज ने मामले में जांच अधिकारी एएसआई संजय कुमार को निर्देश दिए कि कल बैंक स्टेटमेंट के बारे में पूरी तैयारी करके आए। साथ ही वकीलों को कल दोबारा इस मामले में बहस करने के लिए कहा। जिस पर दोनों वकील सहमत हो गए।
दिव्या की जमानत याचिका में कहा गया कि मगन ने ही दिव्या को मुंबई में डांस बार में काम करने के लिए दबाव डाला था। साथ ही अपने परिवार से छुपाने के लिए भी मजबूर किया। मगन ने दिव्या को निजी नाइट डांस पार्टियों में जाने के लिए मजबूर किया, ताकि दिव्या अधिक पैसे कमा सके।

