रूस-यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जंग जारी है। रूसी सेना पर नौकरी की तलाश में रूस गए कई भारतीयों को लालच देकर सेना में भर्ती करने और जंग में धकेलने के आरोप लगते रहे हैं। रशियन आर्मी को मैन पावर उपलब्ध कराने वाला बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
ऐसा ही मामला हरियाणा के फतेहाबाद जिले से आया है। यहां के अंकित जांगड़ा और विजय पुनिया रूस में पढ़ाई के साथ जॉब कर रहे थे। लेकिन दोनों ही अब रूसी सेना में हैं और यूक्रेन-रूस के युद्ध क्षेत्र यानी जीरो लाइन से सिर्फ 15-20 किलोमीटर दूर रह गए हैं।
अंकित और विजय के साथ पंजाब, जम्मू, राजस्थान, उत्तराखंड और यूपी के युवा भी वहां फंसे हुए हैं। एशिया के कई देशों के युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेला जा रहा है। ये वो युवा हैं, जो स्टडी वीजा या नौकरी की तलाश में रूस जाते हैं।
अंकित और विजय के परिजन उनकी सकुशल वापसी के लिए कोशिश में जुटे हैं। वे गुरुवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय और चंडीगढ़ में सीएम कार्यालय गए। विदेश मंत्रालय से जवाब मिला कि रूस के सभी हेल्प डेस्क पर मेल भेज दी गई है। रूसी विदेश मंत्रालय को भी सारे डॉक्यूमेंट्स और आईडी कार्ड भेजे हैं।
भारत सरकार ने गुरुवार रूस से मांग की है कि वह अपनी सेना में भारतीयों को भर्ती करने की प्रथा को खत्म कर दें। साथ ही कहा कि पहले से सेना में शामिल हुए भारतीय नागरिकों को भी छोड़ दिया जाए।
हरियाणा और पंजाब के कई युवक यूक्रेन में फंस गए हैं। उन्हें जबरदस्ती रूसी सेना में भर्ती कर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजा जा रहा है। इनमें शामिल हरियाणा के फतेहाबाद जिले के 2 युवकों ने अपने परिजनों को दो वीडियो भेजे हैं, जिनमें मदद की गुहार लगाई है।
