दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब हरियाणवी कलाकारों का भी समर्थन मिलने लगा है। कई प्रसिद्ध सिंगर और कलाकारों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर छात्रों की मांगों को जायज बताया है। वहीं, कुछ कलाकारों ने आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप और हिंसा पर भी सवाल उठाए हैं।
सुमित पारता का बड़ा ऐलान
हरियाणवी सिंगर सुमित पारता ने कहा कि वह अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का शो नहीं करेंगे और न ही किसी पार्टी का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य का सवाल है और वह इस आंदोलन को हरसंभव सहयोग देंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कनाडा के ब्रैम्पटन में होने वाले अपने शो की आय का एक हिस्सा आंदोलन के समर्थन में देंगे।
अजय हुड्डा ने जंतर-मंतर पहुंचकर दिया समर्थन
हरियाणवी कलाकार अजय हुड्डा भी जंतर-मंतर पहुंचे और मंच से छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है और छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए।
अमन जाजी बोले- छात्रों को उनका हक मिलना चाहिए
कलाकार अमन जाजी ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के समर्थक नहीं हैं, लेकिन छात्रों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हरियाणा के कई गाने रिलीज नहीं किए जाएंगे। उन्होंने अपनी फिल्म ‘आजाद सिंह’ की रिलीज भी रोकने की बात कही।
मुकेश जाजी ने भी किया समर्थन
हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने कहा कि अगर सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकते तो कम से कम छात्रों के हित में आवाज जरूर उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सही को सही और गलत को गलत कहना जरूरी है।
कन्हैया मित्तल ने हिंसा पर जताई चिंता
भजन गायक कन्हैया मित्तल ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन में कुछ राजनीतिक लोग शामिल होकर इसे दूसरी दिशा में ले जा रहे हैं। उनके मुताबिक दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा सुधार ही रहना चाहिए।
कलाकारों की राय बंटी
जहां अनामिका बावा, अंकित बालियान, दीपिका सहरावत और राजा गुर्जर ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से समाधान निकालने की अपील की, वहीं अंशू राणा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों की आड़ में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की।
सरकार का भी आया जवाब
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि छात्रों की मांगों पर बातचीत होनी चाहिए, लेकिन आंदोलन अब अपने मूल मुद्दे से भटक गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ शरारती तत्व इसमें शामिल हो गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक सरकार नहीं कराती, बल्कि इसके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

