हरियाणा के BSF जवान नरेंद्र कुमार मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए हैं। शहीद कॉन्स्टेबल का पार्थिव शरीर कुछ देर में उनके घर पहुंचेगा। पार्थिव शरीर गांव के लिए रवाना हो चुका है। गांव के नौजवान बाइकों पर जयकारे लगाते हुए सेना के ट्रक के साथ-साथ चल रहे हैं, जिसमें शहीद का पार्थिव शरीर ले जाया जा रहा है।

बता दें कि नरेंद्र भिवानी जिले के गांव लालावास के रहने वाले हैं और उनकी शहादत की खबर घर पहुंच गई है। नरेंद्र कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात BSF हेड क्वार्टर दिल्ली पहुंचा। आज बुधवार को नरेंद्र कुमार का पार्थिव शरीर गांव लालावास ले जाया जा रहा है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बता दें कि नरेंद्र कुमार 2019 से मणिपुर में तैनात थे। 2 समुदायों के बीच चल रहे विवाद में उनकी टुकड़ी दोनों का बीच-बचाव करने गई थी। भीड़ में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। उसी का फायदा उठाकर कुकी उग्रवादियों ने जवानों पर हमला कर दिया। इसमें कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार के सिर में गोली लगी और 2 अन्य जवान भी गंभीर घायल हुए। उनका मुकाबला करते हुए कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार शहीद हो गए।

शहीद नरेंद्र के पिता किरोड़ीमल राजमिस्त्री और मां शकुंतला गृहिणी हैं। नरेंद्र कुमार ने 2013 में BSF बटालियन नंबर 122 जॉइन की थी। 2015 में हिसार की नीतू के साथ नरेंद्र कुमार की शादी हुई। उनका एक बेटा 7 वर्षीय हितार्थ है।

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