हरियाणा में सरकारी जमीनों और जोहड़ों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ अब बड़ा अभियान चलने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अगले 60 दिनों के भीतर सभी गांवों में अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के तहत पंचायत भूमि, जोहड़, फिरनी, रास्तों और अन्य सरकारी जमीनों पर बने अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासनिक टीमें कार्रवाई करेंगी।
सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि कब्जाधारियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन, पंचायत विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती
यह कार्रवाई पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद तेज हुई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी जमीनों और जोहड़ों पर अवैध कब्जे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कब्जा हटाने की कार्रवाई तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।
गांव-गांव चलेगा अभियान
सूत्रों के अनुसार, सभी जिलों में अवैध कब्जों की सूची तैयार की जा रही है। जहां जरूरत पड़ेगी, वहां जेसीबी और भारी मशीनों की मदद से निर्माण तोड़े जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों को कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
जोहड़ों और रास्तों को कराया जाएगा खाली
सरकार का फोकस खासतौर पर गांवों के जोहड़ों, तालाबों, चरागाह भूमि और सार्वजनिक रास्तों को कब्जा मुक्त कराने पर रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण जलभराव और ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरकार का सख्त संदेश
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, “जो अवैध है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।” प्रशासन को साफ निर्देश दिए गए हैं कि राजनीतिक या स्थानीय दबाव में आए बिना कार्रवाई की जाए। आने वाले दो महीनों में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान देखने को मिल सकता है।
