हरियाणा के कुश्ती अखाड़ों में महिला खिलाड़ियों से छेड़छाड़ व अन्य आपराधिक मामलों को लेकर सरकार और गंभीर हो गई है जगह-जगह खुले अखाड़ों में लगातार आपराधिक गतिविधियां हो रही हैं। इससे प्रदेश के लोगों और पड़ोसी राज्यों से यहां प्रैक्टिस करने आने वाले खिलाड़ियों में भय का माहौल बना हुआ है। मारपीट से लेकर हत्याएं तक हो रही हैं। इस पर हरियाणा सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाने की तैयारी कर ली है।
हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखाड़ों में महिला पहलवानों के साथ हो रहे उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सोनीपत में महिला खिलाड़ी की हत्या हो या अन्य आपराधिक मामले इन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार जल्द ही नई पहल करने जा रही है सरकार ने निर्णय लिया है कि अखाड़ों को सरकार मान्यता देगी। खेल मंत्री शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर की स्मृति में आयोजित 75वें वार्षिक दीवान कार्यक्रम में भाग लेने से पहुंचे थे। इससे पहले वे सिंचाई विश्राम गृह में मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार अखाड़ों के लिए लाइसेंस जारी करने का प्रावधान करने जा रही है। लाइसेंस उन आखाड़ों को मिलेगा जो निर्धारित शर्तो को पूरा करेंगे। बाकी सभी अवैध अखाड़े बंद होंगे। ऐसे अखाड़ों में सीसीटीवी कैमरे व निर्धारित सुविधाएं होना जरूरी हैं। खिलाड़ी भी खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। किसी तरह की गड़बड़ी होने पर अपराधी में भी खौफ बना रहेगा और घरों में चल रहे अखाड़े भी बंद होंगे। अखाड़ा चलाने के लिए संचालकों को लाइसेंस लेना होगा।
खेल मंत्री संदीप सिंह ने खेल नीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश के दूसरे राज्य भी हरियाणा की खेल नीति का अनुकरण कर रहे हैं। खेल नीति के तहत हरियाणा के खिलाड़ियों को सर्वाधिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ओलिंपिक खेलों में जाने से पूर्व तैयारियों के लिए 5 लाख की राशि देने का प्रावधान किया गया है।
अर्जुन अवॉर्डी, ध्यानचंद अवार्ड, खेल रत्न, तेनजिंग नोर्गे अवार्ड व भीम अवार्ड प्राप्त खिलाड़ियों को पहली बार प्रतिमाह मानदेय देने का प्रावधान राज्य सरकार ने किया है। इसके अलावा खिलाड़ियों की दैनिक डाइट भत्ता भी बढ़ा है। हरियाणा बनने के उपरांत पहली बार खेलो इंडिया की मेजबानी प्रदेश कर रहा है। इसमें एक स्थान पर लगभग दो दर्जन खेलों का आयोजन किया जा रहा है।

