हरियाणा रोडवेज कर्मचारी आंदोलन की राह पर चलने जा रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार के द्वारा की गई EL में कटौती का विरोध किया है। अब सरकार के इस फैसले के विरोध में कर्मचारी किसानों की तर्ज पर राज्यभर में आंदोलन करेंगे। इसके लिए 18 जनवरी को राज्यव्यापी बैठक बुलाई है। इस बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
हरियाणा के परिवहन विभाग में नियमित आधार पर लगे चालकों, परिचालकों, निरीक्षक, उप निरीक्षक और टेक्निकल स्टाफ की छुट्टियों में कटौती की जा चुकी है। कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से अगले 10 साल तक हर वर्ष 30 अर्जित अवकाश (EL) मिलते थे तथा आगे पूरी सर्विस में हर वर्ष 33 अर्जित अवकाश मिलने का प्रावधान था, लेकिन अब सरकार ने इन छुट्टियों में कटौती करते हुए नियुक्ति की तिथि से अगले 10 साल तक 15 EL कर दिए हैं।
परिवहन विभाग में ऑपरेशन स्टाफ व मिनिस्ट्रियल स्टाफ के अर्जित अवकाश के अलग-अलग नियम थे, क्योंकि ऑफिशियल स्टाफ को सभी राष्ट्रीय व राजपत्रित अवकाशों के साथ-साथ सभी शनिवार व रविवार की छुट्टियां भी मिलती हैं, जबकि ऑपरेशनल स्टाफ को केवल तीन राष्ट्रीय व पांच राजपत्रित अवकाश के साथ एक साप्ताहिक विश्राम मिलता है, लेकिन अब सरकार ने ऑपरेशन स्टाफ पर भी ऑफिशियल स्टाफ वाले नियम लागू कर दिए हैं। जिस कारण चालक, परिचालक, उप-निरीक्षक, निरीक्षक व टेक्निकल स्टाफ को मिलने वाले अवकाशों में भारी कटौती हुई है।
हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के महासचिव सरबत पुनिया ने बताया कि सरकार ने वार्षिक छुट्टियां कम की हैं। इसके अलावा ड्राइवर और कंडक्टर के ओवरटाइम के लिए भी पर्याप्त मुआवजा नहीं है। अब कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन करेंगे। इसके लिए 18 जनवरी को एक बैठक बुलाई गई है। इसमें आंदोलन की रणनीति बनेगी।

