हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद भी करीब 500 विद्यार्थियों द्वारा सरकारी टैबलेट वापस न किए जाने को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर टैबलेट जमा नहीं करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर ऐसे विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम भी रोका जा सकता है।
श्शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरकार की डिजिटल शिक्षा योजना के तहत पिछले शैक्षणिक सत्र में हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। इन टैबलेट्स का उद्देश्य ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सामग्री तक पहुंच और परीक्षा की तैयारी में छात्रों की मदद करना था।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, फरीदाबाद जिले में ही करीब 100 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने टैबलेट स्कूल में जमा नहीं कराए हैं, अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जिससे विभाग की चिंता बढ़ गई है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दिए गए टैबलेट केवल शैक्षणिक उपयोग के लिए थे और बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद इन्हें स्कूल में वापस जमा कराना अनिवार्य है। टैबलेट सरकारी संपत्ति होने के कारण उसकी वापसी सुनिश्चित करना प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी है।
विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी निर्धारित समय में टैबलेट वापस नहीं करते हैं, तो संबंधित स्कूलों के माध्यम से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसके आधार पर छात्रों का परिणाम रोके जाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए जल्द से जल्द टैबलेट स्कूल में जमा कराए। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते टैबलेट लौटाने से छात्रों का परिणाम और आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
