पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने राज्य सरकार की लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) को Disposed of कर दिया. ये सुनवाई सुखविंदर सिंह एंड अदर्स बनाम हरियाणा सरकार मामले में हुई. कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर से गेस्ट टीचर्स ने नियमित करने की मांग दोहराई है.
हाई कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा गेस्ट टीचर्स ने इसे न्याय की जीत बताया. गेस्ट टीचर्स के मीडिया प्रभारी डॉक्टर अजय लोहान ने कहा कि “अब सरकार को अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द इसे लागू करना चाहिए. प्रदेश के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स पिछले 21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में लगातार सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में सरकार को अपना पुराना वादा निभाते हुए उन्हें नियमित करना चाहिए और अन्य सभी सेवा लाभ भी देने चाहिए.”
डॉक्टर अजय लोहान ने याद दिलाया कि “वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आने पर पहली कैबिनेट की पहली कलम से गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन किन्हीं कारणों में मामला हाई कोर्ट में लटक गया. अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद गेस्ट टीचर्स को उम्मीद है कि सरकार जल्द नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर अपना वादा जल्द पूरा करेगी.
गेस्ट टीचर्स का कहना है कि वो सालों से शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं. ऐसे में अब समय आ गया है कि सरकार उनकी लंबी सेवा को देखते हुए स्थायी नियुक्ति का फैसला करे और अपने वादे को पूरा करे.
