हरियाणा में शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (OTP) में बदलाव को सीएम नायब सैनी ने मंजूरी दे दी है। शिक्षा निदेशालय ने संशोधित प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा था, जिसे अब हरी झंडी मिल गई है। अब यह फाइल मानव संसाधन विभाग की मंजूरी के लिए भेज दी गई है।

सीनियर अधिकारियों के अनुसार, सरकार दीपावली के आसपास शिक्षकों को ऑनलाइन ट्रांसफर का तोहफा दे सकती है। इसके लिए जल्द ही पोर्टल लॉन्च होगा, हालांकि उससे पहले शिक्षकों से आपत्तियां भी मांगी जाएंगी।

संशोधित पॉलिसी के तहत इस बार पति-पत्नी (कपल) ट्रांसफर केस में अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। साथ ही, जिन शिक्षकों को सर्विस रूल के तहत मेजर (गंभीर) या माइनर (हल्की) पेनल्टी मिली है, उसे भी स्कोरिंग में जोड़ा जाएगा।

दरअसल, शिक्षा विभाग ने साल 2016 में ट्रांसफर पॉलिसी बनाई थी। उसी साल पहली बार सभी शिक्षकों के तबादले हुए। इसके बाद 2017, 2019 और फिर आखिरी बार 2022 में तबादले किए गए।

लेकिन जेबीटी शिक्षकों के 2016 के बाद से अब तक तबादले नहीं हुए हैं। वे तभी से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं। खास बात यह है कि पॉलिसी के मुताबिक हर साल ट्रांसफर होने चाहिए, लेकिन ऐसा नियमित रूप से नहीं हो पाता।

दरअसल, शिक्षा विभाग ने साल 2016 में ट्रांसफर पॉलिसी बनाई थी। उसी साल पहली बार सभी शिक्षकों के तबादले हुए। इसके बाद 2017, 2019 और फिर आखिरी बार 2022 में तबादले किए गए।

लेकिन जेबीटी शिक्षकों के 2016 के बाद से अब तक तबादले नहीं हुए हैं। वे तभी से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं। खास बात यह है कि पॉलिसी के मुताबिक हर साल ट्रांसफर होने चाहिए, लेकिन ऐसा नियमित रूप से नहीं हो पाता।

ट्रांसफर के लिए 80 अंकों का मेरिट स्कोर होगा। आयु मुख्य कारक होगी और इसके आधार पर अधिकतम 60 अंक मिलेंगे। आयु को दिनों में गिनकर 365 से विभाजित किया जाएगा। विशेष कारणों या परिस्थितियों के लिए अधिकतम 20 अंक मिलेंगे। सभी महिलाओं को 10 अंक मिलेंगे।

स्पेशल कैटेगरी के तहत 40 साल से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं, विधवाओं, तलाकशुदा या न्यायिक तौर पर अलग हुई महिलाओं को 10 अंक मिलेंगे।

तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग, विधुर, जिसने पुनर्विवाह नहीं किया है और जिसके पास एक या अधिक नाबालिग बच्चे या अविवाहित बेटियां हैं, ऐसे पुरुषों को 10 अंक मिलेंगे।

कपल केस में किसी भी राज्य सरकार या केंद्र सरकार के किसी विभाग या संगठन में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए संबंधित जीवनसाथी को 5 अंक मिलेंगे। सैन्य या अर्धसैनिक बलों के जीवनसाथी को 10 अंक मिलेंगे। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मचारियों या उनके जीवनसाथी, अविवाहित बेटे या बेटी को 10 अंक मिलेंगे।

शत-प्रतिशत दिव्यांग या मानसिक रूप से कमजोर बच्चों वाले कर्मचारियों को 10 अंक मिलेंगे। दिव्यांग कर्मचारियों को 40 प्रतिशत से अधिक अक्षमता पर 20 अंक तक मिलेंगे।

संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी में गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया है। इसमें पुराने हृदय रोग, हृदय की अनियमित धड़कन, फेफड़ों की बीमारी (ILD), सिस्टिक फाइब्रोसिस, लिवर सिरोसिस, क्रोनिक रीनल फेल्योर, मिर्गी, पैराप्लेजिया/क्वाड्रिप्लेजिया/हेमिप्लेजिया, पार्किंसन, तंत्रिका तंत्र संबंधी रोग,

सेंट्रल और पेरिफेरल नर्वस सिस्टम की क्रोनिक डिमाइलेटिंग बीमारी, ऑटिज्म, सेरेब्रल वस्कुलर एक्सीडेंट, मल्टीपल स्केलेरोसिस, मायोपैथी, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, अप्लास्टिक एनीमिया, कैंसर, स्किजोफ्रेनिया, एड्स और अंग प्रत्यारोपण (हार्ट, लीवर, किडनी, फेफड़े, आंत) जैसी बीमारियां शामिल हैं।

इन बीमारियों का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड से प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

हरियाणा सरकार ने अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी किसी भी विभाग के अंतर्गत नियमित आधार पर कार्यरत संबंधित काडर के सभी कर्मचारियों पर लागू होगी, जहां किसी पद की स्वीकृत काडर क्षमता 50 या उससे अधिक है।

अखिल भारतीय सेवाओं, हरियाणा सिविल सेवाओं (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं (एलाइड सर्विसेज) या अगर किसी काडर को मानव संसाधन विभाग की पूर्व सहमति से इस पॉलिसी के दायरे से बाहर रखा गया है, पर यह नीति लागू नहीं होगी।

पहले विभाग द्वारा तैयार पॉलिसी में शिक्षकों से जोन की चॉइस भरवाई जाती थी। उसके बाद जोन की चॉइस को खत्म करके ब्लॉक की चॉइस भरवाने का मसौदा तैयार करके पॉलिसी बनाई गई। इसे भी मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया था। मगर अब ब्लॉक की चॉइस भी खत्म करके सीधे स्कूलों की चॉइस भरवाने का मसौदा तैयार करने की हिदायत मिली है।

इसमें 15 साल एक ही ब्लॉक में गुजारने पर आगे ड्राइव में भाग लेना अनिवार्य होगा। जिन शिक्षकों पर कोई मेजर या आंशिक किसी भी तरह की पेनल्टी लगी है, उसके मुताबिक अंक काटे जाएं‌गे।

हरियाणा सरकार जल्द ही टीचरों की ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने जा रही है। सीएम की मंजूरी मिल गई है, संभावना है कि दीपावली से पहले ही सरकार टीचरों को ये तोहफा दे दे। इस बार ट्रांसफर इस तरह से किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी पूरी तरह समाप्त की जा सके।

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