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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में आएगी प्राइवेट जैसी चमक; अंबाला सिविल हॉस्पिटल में शुरू होगी पैट-स्पेक्ट सुविधा

हरियाणा के आम नागरिकों को अब गंभीर बीमारियों के इलाज और महंगी डायग्नोस्टिक जांचों के लिए बड़े और महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में बताया कि सूबे के जनस्वास्थ्य ढांचे (Public Health Infrastructure) को आधुनिक बनाने के लिए सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अंबाला के नागरिक अस्पताल को एक बड़ी सौगात दी है। अस्पताल में जल्द ही न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के तहत पैट (पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी) और स्पेक्ट (सिंगल-फोटॉन एमिशन कंप्यूटेड टोमोग्राफी) जैसी बेहद एडवांस डायग्नोस्टिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। सरकारी क्षेत्र में इस स्तर की मशीनरी का आना चिकित्सा सेवाओं के लिहाज से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, पैट और स्पेक्ट स्कैन साधारण एक्स-रे या सीटी स्कैन से कहीं आगे की तकनीक हैं। ये तकनीकें केवल शरीर की बाहरी बनावट को नहीं दिखातीं, बल्कि शरीर के भीतर कोशिकीय स्तर (Cellular Level) पर होने वाली गतिविधियों और रक्त के प्रवाह (Blood Flow) की लाइव मैपिंग करती हैं।

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस तकनीक की महत्ता रेखांकित करते हुए कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से सबसे ज्यादा राहत कैंसर, न्यूरोलॉजिकल (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र) और कार्डियोवैस्कुलर (हृदय) रोगों से जूझ रहे मरीजों को मिलेगी। डॉक्टरों के लिए इसके जरिए शुरुआती दौर में ही ट्यूमर के आकार, उसके फैलने की गति और मस्तिष्क की आंतरिक विकृतियों का सटीक अंदाजा लगाना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे समय रहते मरीज का इलाज शुरू हो सकेगा।

अंबाला के स्वास्थ्य ढांचे को अपग्रेड करने के साथ ही सरकार ने दक्षिणी हरियाणा के ग्रामीण इलाकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 करोड़ 65 लाख रुपये के बजट को हरी झंडी दिखाई गई है। इस राशि से इलाके में एक नया और सर्वसुविधा संपन्न कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) तैयार किया जाएगा। विभाग की ओर से इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस नए केंद्र के बनने से नांगल चौधरी और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को प्राथमिक और आपातकालीन इलाज के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।

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