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हरियाणा: हत्या मामले में पूर्व इनेलो विधायक बाली पहलवान समेत 7 को उम्रकैद, रोहतक की अदालत का बड़ा फैसला

 रोहतक। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल राठी की अदालत ने 15 साल पुराने हत्या के मामले में बुधवार को महम से इनेलो के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत सात को दोषी करार दिया है।

सजा पर फैसला वीरवार को आएगा। वहीं आठ आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। प्रकरण 5 मई 2011 का है। गांव मोखरा में गोशाला के चंदे को लेकर हुए विवाद में कलानौर की अनाज मंडी में निंगाणा गांव के विष्णु की गोली लगने से मौत हो गई थी।

विष्णु के बसाना गांव के पूर्व सरपंच जीजा सीताराम की शिकायत पर बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत 21 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इस केस में काफी पंचायतें भी हुई। बाली पहलवान ने तत्कालीन आइजी वी.कामराजा के सामने आत्मसर्पण कर दिया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाह और अन्य साक्ष्य पेश किए

इनके आधार पर अदालत ने मोखरा निवासी बाली पहलवान सहित सुनील, दिनेश उर्फ काला, राजेश, पवन, सुनील उर्फ सुल्हड़ और मुकेश को दोषी करार दिया है। बाकी आठ लोगों सतेंद्र उर्फ मिंटू, परमजीत, सतीश, कुलदीप, राजेन्द्र, दिनेश, रविंद्र और फूल कुमार को बरी किया है। बाली पहलवान को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद करते हुए उन्हें ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए थे।

करीब डेढ़ दशक तक चले इस मामले में अब हर किसी की नजरें सजा की सुनवाई पर टिकी हैं। वहीं दोषी करार दिए जाने फैसले के बाद मृतक के जीजा सीताराम ने कहा कि न्याय मिलने में लंबा समय लगा। उम्मीद है कि अदालत दोषियों को कड़ी सजा सुनाएगी।

इस मामले में छह आरोपितों सोमबीर, रोहतास, धर्म सिंह, राजबीर, अजय और धनपत की अलग-अलग समय में मौत हो चुकी है।

हरियाणा के बहुचर्चित हत्याकांड मामले में रोहतक की जिला एवं सत्र अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के पूर्व विधायक बलवंत उर्फ बाली पहलवान सहित सभी सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर पूर्व विधायक बाली पहलवान और उनके 6 अन्य साथियों को हत्या, षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी माना। अदालत ने सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर पूर्व विधायक बाली पहलवान और उनके 6 अन्य साथियों को हत्या, षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी माना। अदालत ने सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

बसाना के पूर्व सरपंच सीताराम राठी ने कलानौर थाने में दर्ज कराई एफआईआर में आरोप लगाया था कि वे 5 मई 2011 में कलानौर अनाज मंडी स्थित अपनी आढ़त की दुकान पर बैठे थे। तभी गौशाला कमेटी मोखरा से चार लोग चंदा मांगने आए। बोले, पूर्व विधायक बलबीर बाली ने कहा है कि सीताराम राठी से पांच लाख रुपये चंदा लेकर आना। जवाब में राठी ने कहा कि उसे पूर्व विधायक से उसे पांच लाख रुपये लेने हैं। इसमें से ढाई लाख गौशाला में जमा करवा देना और ढाई लाख मुझे दे जाना। कमेटी के एक सदस्य ने पूर्व विधायक बाली पहलवान को कॉल करके बुला लिया।

आरोप है कि पूर्व विधायक अपने साथियों के साथ आया और सीताराम राठी से मारपीट की। उस समय तो राठी मंडी से चले गए। आरोप है कि उसी दिन शाम करीब सात बजे 30 से 35 लोग आए और पूर्व सरपंच के साले निगाना गांव निवासी विष्णु को गोली मार दी। गंभीर हालत में विष्णु को पीजीआई ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तभी से जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। पुलिस ने पूर्व विधायक सहित 30 लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की।

15 साल चला अदालत में मुकदमा, सात आरोपी दोषी करार, आठ बरी, पांच की हो चुकी है मौत पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे एएसजे कपिल राठी की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। इसमें मोखरा गांव निवासी एवं महम के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान, सुनील, दिनेश उर्फ काला, राजेश, पवन, सुनील उर्फ सुलड़ व मुकेश को दोषी करार दिया है। जबकि परमजीत, राजेंद्र, सतेंद्र, रवींद्र, सतीश, फूल कुमार, दिनेश व कुलदीप को बरी कर दिया गया। केस में पांच अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।

शिकायतकर्ता एवं पूर्व सरपंच सीताराम राठी का कहना है कि 15 साल से अदालत में लंबी लड़ाई लड़ी। केस सेशन कोर्ट से हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। केस में आठ आरोपियों को बरी किया गया है। इससे वे संतुष्ट नहीं हैं। वीरवार को अदालत में सजा की मात्रा को लेकर निर्णय होगा। इसके बाद आगे कदम उठाया जाएगा।

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