हरियाणा में CM और मंत्रिमंडल के शपथ लेने के बाद आज पहली कैबिनेट बैठक होगी। यह बैठक सचिवालय में 11 बजे शुरू होगी। CM नायब सैनी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी 13 मंत्री शामिल होंगे। इस मीटिंग में प्रोटेम स्पीकर चुना जाएगा। इसके साथ विधानसभा के सत्र की तारीख तय हो सकती है।
इस सत्र में विधानसभा के सभी नए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। इससे पहले प्रोटेम स्पीकर का चयन होगा। जो सभी विधायकों को शपथ दिलाएंगे। बता दें कि सबसे सीनियर और एक्सपीरिएंस वाले नेता को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है।90 विधायकों में बेरी से कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान सबसे उम्रदराज हैं। उनकी उम्र 80 साल है। वह 7वीं बार विधायक बने हैं।
वहीं बैठक से पहले सभी नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी हो सकता है। मंत्री कल सचिवालय में अपने-अपने कमरों में भी बैठ सकते हैं। जिसके बाद वे अपने विभागों का कार्यभार संभालने के साथ कामकाज भी शुरू करेंगे।
करनाल के घरौंडा से लगातार तीसरी बार जीते हरविंद्र कल्याण को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके कई कारण बताए जा रहे हैं। पहला करनाल जिले से कोई मंत्री पद नहीं मिला है। हालांकि करनाल लोकसभा की भाजपा ने सभी 9 सीटें जीतीं। इनमें पानीपत जिले से 2 विधायक मंत्री बनाए गए हैं।दूसरा रोड़ समाज से कोई मंत्री नहीं है। तीसरा हरविंद्र की गिनती मनोहर लाल खट्टर के भरोसेमंदों में होती है। वहीं डिप्टी स्पीकर के लिए रामकुमार गौतम के नाम की भी चर्चा है।
प्रोटेम स्पीकर क्या होता है? – विधानसभा चुनाव के बाद जब पहला सत्र होता है, तो उस वक्त सदन चलाने के लिए स्पीकर नहीं होता। इसके लिए एक प्रोटेम स्पीकर का अस्थाई ओहदा बनाया गया है। प्रोटेम स्पीकर नए विधायकों को शपथ दिलाता है, विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव करवाता है और नए अध्यक्ष के चुनाव तक सारी जिम्मेदारियां निभाता है। आमतौर पर सदन के सबसे सीनियर और एक्सपीरिएंस वाले नेता को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है। भले ही वो विपक्ष का ही विधायक क्यों न हो।
हरियाणा विधानसभा भंग करने के लिए आखरी कैबिनेट मीटिंग 11 सितंबर को बुलाई गई थी। विधानसभा का मानसून सत्र नहीं बुलाए जाने के कारण विधानसभा भंग की गई थी। इससे पहले हरियाणा विधानसभा का अंतिम सत्र 13 मार्च को बुलाया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री सैनी ने विश्वास मत हासिल किया था। नियमों के तहत 6 माह के भीतर सत्र बुलाना जरूरी है।

