भारत-अमेरिका प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील के विरोध में किसान संगठनों की देशव्यापी महापंचायत और CJP के संसद घेराव की घोषणा के बाद हरियाणा में प्रशासनिक महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से सटी हरियाणा की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। तड़के से ही कई जिलों में किसान नेताओं की धरपकड़ शुरू हो चुकी है, दर्जनों नेताओं को या तो उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है या हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेजा गया है।
सोनीपत में किसान मजदूर संघर्ष समिति के संयोजक ईश्वर सिंह दहिया को सुबह ही उनके घर पर हाउस अरेस्ट किया गया। वहीं, सिरसा में दिल्ली की तरफ बढ़ रहीं किसान नेता रवि आजाद की पत्नी मंजू आजाद और उनके साथियों को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली से सटे बहादुरगढ़-द्वारका बाईपास और सोनीपत बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग लगा दी है। हर निजी वाहन को कड़ी चेकिंग के बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र और करनाल में दिल्ली की तरफ रुख कर रहे किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर चौकी नाके पर प्राइवेट बसों में सवार लगभग 30 किसानों को पुलिस ने बस रोककर हिरासत में ले लिया, जिनमें भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच भी शामिल हैं। शाहाबाद, पिपली, लाडवा और मारकंडा पुल पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
उधर, करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर भारी संख्या में हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है। बसों और गाड़ियों को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद गुस्साए किसानों ने पैदल ही दिल्ली की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। करीब 300 से अधिक किसानों का जत्था पानीपत की तरफ पैदल कूच कर रहा है, जिससे जीटी रोड पर भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अंबाला के पास स्थित शंभू बॉर्डर, जो जीटी रोड का सबसे अहम संपर्क बिंदु है, उसे पुलिस प्रशासन ने कंक्रीट और सीमेंट के भारी-भरकम बैरिकेड्स लगाकर फिर से पूरी तरह बंद कर दिया है। यह वही शंभू बॉर्डर है जो पिछले किसान आंदोलन के दौरान 13 फरवरी 2024 से लेकर 20 मार्च 2025 तक करीब 401 दिनों के लिए बंद रहा था।
अदालती आदेशों के बाद खुला यह मार्ग अब सुरक्षा कारणों से दोबारा सील हो जाने से अमृतसर, अंबाला और दिल्ली के बीच आवाजाही करने वाले आम मुसाफिरों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। अंबाला पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर जीरकपुर और डेरा बस्सी के रास्ते गाड़ियां निकालने की एडवाइजरी जारी की है।
आंदोलन की यह आंच अब शैक्षणिक संस्थानों तक भी पहुंच गई है। महेंद्रगढ़ के कनीना मंडी स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने लद्दाख के पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन और सरकार के खिलाफ खुलकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) नरेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
प्रशासन की इस कड़ी नाकेबंदी और गिरफ्तारियों के बावजूद किसान संगठन अपने रुख पर कायम हैं। राज्य के जीटी रोड बेल्ट पर हर घंटे हालात बदल रहे हैं और पुलिस बल पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
