हरियाणा में 12 सितंबर से पहले विधानसभा का मानसून सत्र बुलाने के संवैधानिक संकट के बीच हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक हरियाणा कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने के फैसले पर मुहर लग सकती है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकार के ज्यादातर मंत्री शामिल होंगे. हालांकि अभी तक बैठक का समय निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन कैबिनेट के तमाम मंत्रियों को बैठक के बारे में सूचना भेज दी गई है. जो मंत्री चुनावी कार्यक्रमों के चलते बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने के लिए कह दिया गया है.

बताया जा रहा है कि ये सब हरियाणा में पैदा हुए संवैधानिक संकट के चलते हो रहा है. संविधान एक्सपर्ट्स के मुताबिक 6 महीने के अंतराल से पहले सदन का अगला सत्र बुलाना संवैधानिक अनिवार्यता है जिसके लिए ऐसा करना सरकार के लिए जरूरी हो गया है. हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 तक है और पिछली बार विशेष सत्र 13 मार्च 2024 को बुलाया गया था. उसमें नए बने CM नायब सैनी ने विश्वास मत हासिल किया था. ऐसे में 12 सितंबर से पहले विधानसभा सत्र बुलाना जरूरी है या विधानसभा को भंग करना ही एक मात्र ऑप्शन बचा है.

हरियाणा सरकार ने पिछली कैबिनेट बैठक में मानसून सत्र को लेकर कोई फैसला नहीं किया था, ऐसे में सरकार के पास विधानसभा को वक्त से पहले भंग करना ही विकल्प है. चुनाव की घोषणा के चलते हरियाणा में ये नौबत आन पड़ी है. हरियाणा में आया ये संवैधानिक संकट ऐतिहासिक है, क्योंकि जानकारी के मुताबिक आजाद भारत में अभी तक ऐसे हालात कभी नहीं बने. कोरोनाकाल के दौरान भी हरियाणा में इस संकट को टालने के लिए 1 दिन का सत्र सरकार ने बुलाया था. हरियाणा में चुनाव की घोषणा चुनाव आयोग कर चुका है. 5 अक्टूबर को वोटिंग होगी. जबकि 8 अक्टूबर को मतदान के नतीजे आने हैं.

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!