हरियाणा के चरखी दादरी में रहने वाले एयरफोर्स के जवान नवीन श्योराण (25) शहीद हो गए। लेह लद्दाख में ड्यूटी के दौरान वह नदी में डूब गए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आज उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव काकड़ौली हुक्मी पहुंचेगी। यहां शाम को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभी मां और दादी को घटना की जानकारी नहीं दी गई है।
नवीन 4 साल पहले एयरफोर्स में भर्ती हुए थे। 15 दिन पहले ही वह छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटे थे। परिवार के लोग नवीन की शादी के लिए लड़की देख रहे थे। इसी साल वह उनकी शादी करने वाले थे।
परिवार के मुताबिक उनके पास लेह लद्दाख से फोन आया था कि नवीन की नदी में डूबने के कारण मौत हो गई है। उन्हें ये नहीं बताया गया कि हादसा कैसे हुआ। इसके बाद पिता सतीश श्योराण परिवार के कुछ सदस्यों के साथ पार्थिव शरीर लेने के लिए 28 अप्रैल को लेह लद्दाख के लिए रवाना हो गए। हालांकि, नवीन की मां अनीता और दादी को कुछ नहीं बताया गया। नवीन के घर के बाहर भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
नवीन के पिता सतीश काकड़ौली हुक्मी गांव में ही खेती करते हैं। साथ में गांव के बस अड्डे पर उनकी खाद-बीज की दुकान हैं। मां अनीता आंगनबाड़ी वर्कर हैं। नवीन 2 भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई नितिन श्योराण लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके दादा धर्म सिंह भी भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं।
परिवार का कहना है कि नवीन का बचपन से ही सपना था कि वह देश सेवा करेगा। वह हमेशा पढ़ाई में होशियार रहे। 12वीं की पढ़ाई उन्होंने गांव के पास ही प्राइवेट स्कूल से की। इसके बाद साल 2019 में कठिन परिश्रम और अटूट जज्बे के कारण एयरफोर्स में सिलेक्ट हुए। उनकी ड्यूटी लेह-लद्दाख के कठिन और दुर्गम इलाकों में एयरफोर्स स्टेशन पर थी।
अप्रैल में ही 15 दिन पहले वह छुट्टी काटकर लद्दाख लौटे थे। अगले महीने उनकी दिल्ली में पोस्टिंग आने वाली थी। परिवार के लोग शादी के लिए लड़की देख रहे थे। एक दो रिश्ते वे देख भी चुके थे, लेकिन अभी कोई लड़की फाइनल नहीं की थी। परिवार का प्लान था कि इसी साल नवंबर या दिसंबर में शादी करेंगे।
