राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार ने पुराने वाणिज्यिक वाहनों को बदलने हेतु नई प्रोत्साहन योजना लागू की है। इस योजना के तहत राज्य में करीब 1.08 लाख BS-IV और उससे पुराने ट्रकों व बसों को हटाकर नए BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर मोटर व्हीकल टैक्स (MV Tax) में विशेष छूट दी जाएगी।
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंद्रू ने 24 जून को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इससे पहले 22 जून को हरियाणा मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। वहीं, केंद्र सरकार ने 3 जून को राष्ट्रीय वाहन प्रतिस्थापन योजना (National Vehicle Replacement Scheme) को स्वीकृति प्रदान की थी।
सरकार का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को बढ़ावा देना है, जिससे NCR में वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिल सके।
यह योजना हरियाणा के NCR क्षेत्र के 14 जिलों में पंजीकृत उन वाणिज्यिक वाहनों पर लागू होगी, जो BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के हैं। इनमें करीब 92 हजार ट्रक और 16 हजार बसें शामिल हैं।
योजना के तहत पुराने वाहनों की जगह नए BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक ट्रक एवं बस खरीदने पर मोटर व्हीकल टैक्स (MV Tax) में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, हरियाणा के NCR जिलों में पहले से पंजीकृत प्रयुक्त BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स की छूट मिलेगी।
सरकार के अनुसार, यह कर छूट प्रतिस्थापन वाहन के पहले पंजीकरण की तारीख से अगले 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इस पहल का उद्देश्य पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत BS-III और उससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। वहीं, BS-IV वाहन मालिकों के पास दो विकल्प होंगे। वे अपने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में स्क्रैप करा सकते हैं या फिर उसे NCR से बाहर ऐसे शहर में बेच सकते हैं, जो राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के दायरे में शामिल नहीं है।
योजना का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिकों को हरियाणा के NCR क्षेत्र में नया या प्रयुक्त BS-VI, CNG अथवा इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन खरीदकर उसका पंजीकरण कराना होगा। सरकार का उद्देश्य पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाकर स्वच्छ और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत पात्र वाणिज्यिक वाहनों पर एक वर्ष से अधिक समय से बकाया मोटर व्हीकल टैक्स भी माफ किया जाएगा। इस फैसले से पुराने वाहन मालिकों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में भारी वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं। ऐसे में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वच्छ ईंधन आधारित BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
यह योजना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। इससे पहले 10 वर्ष से पुराने डीजल और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जा चुकी है।
जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पुराने भारी डीजल वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से BS-VI मानक वाले वाहनों से बदलने के लिए नीति तैयार करने के निर्देश दिए थे। हरियाणा सरकार की यह पहल उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकार के अनुमान के अनुसार, इस योजना के तहत मोटर व्हीकल टैक्स में छूट देने से राज्य को करीब 935.7 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि, नए वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री बढ़ने से लगभग 1,999.6 करोड़ रुपये का जीएसटी (GST) प्राप्त होने की संभावना है। इस तरह सरकार को कुल मिलाकर करीब 1,063.9 करोड़ रुपये का शुद्ध वित्तीय लाभ मिलने का अनुमान है।
इसके अलावा, केंद्र सरकार की राष्ट्रीय वाहन प्रतिस्थापन योजना के तहत भी पात्र वाहन मालिकों को विभिन्न प्रोत्साहन और लाभ मिलेंगे, जिससे पुराने वाहनों को बदलने की प्रक्रिया को और बढ़ावा मिलेगा।
हरियाणा की यह पहल 9,585 करोड़ रुपए की राष्ट्रीय वाहन प्रतिस्थापन योजना का हिस्सा है। इस योजना का लक्ष्य पूरे दिल्ली-NCR में 1.91 लाख ट्रकों और 16,329 बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलना है, ताकि क्षेत्र में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।
- डीजल और CNG वाहन खरीदने पर 5 साल तक हर महीने 4,800 रुपए तक ईंधन वाउचर।
- इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 64 हजार से 2.56 लाख रुपए तक की एकमुश्त सहायता।
- वाहन निर्माता नई गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देंगे। स्क्रैपिंग के बाद नई गाड़ी नहीं खरीदने वालों को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) का लाभ मिलेगा।
