20 मार्च को अंबाला से मिले विस्फोट, हैंड ग्रेनेड और आईईडी मामले को अंबाला पुलिस सुलझा लिया है। इसके तार 4 मई को करनाल बसताड़ा टोल से गिरफ्तार चार खालिस्तानी अतंकियों से हैं। पुलिस पूछताछ में इन संदिग्ध आतंकियों ने कबूल किया है कि उन्होंने ही पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भेजे गये विस्फोटक और अन्य सामान अंबाला में इस जगह पर रखा था।
अंबाला पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। अंबाला के एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि फिरोजपुर के रहने वाले तीनों आरोपियों ने ही हैंड ग्रेनेड आईईडी और 50 हजार रुपए लाकर अंबाला में रखे थे।
यह विस्फोटक सामान पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये इन आरोपियों के पास पहुंचा था। जेल में रहने के दौरान ही एक साथी बंदी ने करनाल से पकड़े गये आरोपी गुरप्रीत गोपी का संपर्क पाकिस्तानी में बैठे हैंडलर हरविंदर रिंदा से करवाया था। रिंदा ने ही इन तीनों आरोपियों को बम रखने का टास्क दिया था।
क्या है पूरा मामला?
चंडीगढ़ हाईवे पर निजी यूनिवर्सिटी के सामने खाली पड़े मैदान में 20 मार्च को 3 जिंदा हैंड ग्रेनेड, एक IED और 50 हजार रुपये कैश मिले थे। ये हैंड ग्रेनेड अंबाला चंडीगढ़ हाईवे पर एमएम यूनिवर्सिटी के सामने खाली पड़े मैदान में झाड़ियों में पाए गए थे। उधर से गुजर रहे प्रवासी श्रमिकों ने खाली मैदान में हैंड ग्रेनेड को देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस की टीम और बम निरोधी दस्ता मौके पर पुहंचा। तीनों जिंदा हैंड ग्रेनेड को सावधानी पूर्वक डिफ्यूज किया गया। अंबाला पुलिस लगातार इस मामले में पूछताछ कर रही थी।

