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गुरुग्राम डबल मर्डर केस…पत्नी ने कहा- ‘बेटा तुम्हारा नहीं’, गुस्से में पिता ने पत्नी और बेटे को गोलियों से भूना

हरियाणा के गुरुग्राम के अशोक विहार में हुए मां-बेटे के सनसनीखेज डबल मर्डर केस में पुलिस पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अपनी पत्नी आशा रानी और बेटे प्रशांत की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सिक्योरिटी ऑफिसर अनिल कुमार ने वारदात के पीछे घरेलू कलह और पारिवारिक विवाद को वजह बताया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार अनिल कुमार और उसकी पत्नी आशा रानी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। हर बार उनका बेटा प्रशांत अपनी मां का पक्ष लेता था, जिससे अनिल नाराज रहता था। झगड़े के दौरान वह कई बार प्रशांत से कहता था कि वह उसका बेटा नहीं है।

शनिवार रात भी पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ने पर बेटा प्रशांत बीच-बचाव के लिए पहुंचा और अपनी मां का समर्थन करने लगा। इसी दौरान अनिल ने फिर कहा कि प्रशांत उसका बेटा नहीं है। पुलिस के मुताबिक, इस पर आशा रानी ने गुस्से में जवाब दिया कि “हां, यह तुम्हारा नहीं, मेरा बेटा है।”

बताया जा रहा है कि यह सुनते ही अनिल कुमार आपा खो बैठा। उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और पत्नी व बेटे पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आशा रानी को चार गोलियां लगीं, जबकि प्रशांत को सात गोलियां लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बेटी और बहू भी थीं निशाने पर

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इतना गुस्से में था कि वह पूरे परिवार को खत्म करना चाहता था। पत्नी और बेटे की हत्या के बाद उसकी शादीशुदा बेटी और बहू भी उसके निशाने पर थीं। हालांकि गोलियों की आवाज सुनकर दोनों ने तुरंत समझदारी दिखाई और दूसरी मंजिल पर स्थित किराएदार के कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया।

दोनों ने वहीं से पुलिस को सूचना दी, जिसके चलते उनकी जान बच गई। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते सूचना न मिलती तो यह मामला सामूहिक हत्याकांड में बदल सकता था।

शवों के पास बैठा मिला आरोपी

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मां-बेटे के शव खून से लथपथ पड़े मिले। आरोपी अनिल कुमार गुमसुम हालत में शवों के पास बैठा हुआ था। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। घर की सीढ़ियों तक खून फैला हुआ था। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

पहले PTI था, अब सिक्योरिटी ऑफिसर

अनिल कुमार मूल रूप से भिवानी जिले के तिगड़ाना गांव का रहने वाला है। वह पहले एक स्कूल में पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) के पद पर कार्यरत था। बाद में उसने एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर की नौकरी शुरू कर दी।

उसकी पत्नी आशा रानी कार्टरपुरी स्थित लॉर्ड शिवा स्कूल की प्रिंसिपल थीं, जबकि बेटा प्रशांत भी स्कूल के कामकाज में सहयोग करता था। परिवार करीब 15 वर्ष पहले गुरुग्राम में आकर बस गया था।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रिवॉल्वर और 14 खाली कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस आरोपी के आर्म्स लाइसेंस को रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है। इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन जांच प्रभावित न हो इसलिए उन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पारिवारिक झगड़ों के दौरान कही गई हर बात को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता और पुलिस सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है।

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