Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

गुरुग्राम में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर रोक:मेडिकल स्टोर और हेल्थ सेंटरों से जब्त करने के निर्देश; CMO ने जारी की एडवाइजरी

गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है। सीएमओ डॉ. अल्का सिंह ने मेडिकल स्टोर और सभी हेल्थ सेंटरों से इस दवा का स्टॉक जब्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एडवाइजरी जारी करते हुए खांसी की दवाओं के लिए डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन पर्ची जरूरी कर दी है।

जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण और दवा नियंत्रण अधिकारी इस एडवाइजरी के कड़ाई से अनुपालन को सुनिश्चित करेंगे। किसी भी संदिग्ध दवा-संबंधी घटना या उल्लंघन की तत्काल सूचना राज्य निगरानी इकाई और राज्य दवा नियंत्रक को दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (आईपीए) के साथ बैठक की जाएगी।

सीएमओ ने यह कदम स्वास्थ्य मंत्रालय के हालिया दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है, जिसमें खांसी की दवाओं के असुरक्षित और अनियंत्रित उपयोग पर चिंता जताई गई थी।

सीएमओ डॉ. अल्का सिंह ने बताया कि तमिलनाडु के कांचीपुरम में निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा मानक से अधिक पाई गई है। यह एक विषाक्त रासायनिक तत्व है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

इसी के मद्देनजर गुरुग्राम जिले में इस सिरप की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही सभी रिटेल स्टोर, डिस्ट्रीब्यूटर, और स्वास्थ्य केंद्रों से इस दवा का बचा हुआ स्टॉक जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग की तरफ से जारी एडवाइजरी में निर्देश दिया गया है कि बच्चों में खांसी के लिए सिरप का अनावश्यक उपयोग न किया जाए, क्योंकि अधिकांश खांसी स्वतः ठीक हो जाती है। साथ ही कॉम्बिनेशन ड्रग्स और अनियंत्रित मिश्रणों के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है।

किसी भी असामान्य दवा प्रतिक्रिया या स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत संबंधित प्राधिकरण को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, फार्मासिस्टों को बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के खांसी की दवाएं बेचने के लिए मना किया गया है।

सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों को इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) और इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) के माध्यम से इन्फ्लूएंजा जैसे रोग (आईएलई), गंभीर तेज सांस संक्रमण और इनकी दवाओं से संबंधित असामान्य घटनाओं की समयबद्ध रिपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बच्चों में होने वाली अधिकांश खांसी के लिए सिरप की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ये स्वतः ठीक हो सकती हैं। साथ ही, किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है।

Exit mobile version