गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में डिस्ट्रिक्ट टाऊन प्लानिंग इन्फोर्समेंट (DTPE) द्वारा की जा रही तोड़फोड़ का विरोध होने लगा है। कई जगहों पर महंगी कोठियों के गेट और चाहरदीवारी गिराने से रेजिडेंट्स और आरडब्ल्यूए में नाराजगी है। डीटीपीई की टीमें वीवीआईपी और सेलेब्रेटी की कोठियों के बाहर बनाए ग्रीन बेल्ट और रैंप तोड़े जा रहे हैं।
डीटीपीई अमित मधोलिया की टीम ने गुरुग्राम के सबसे पॉश इलाके डीएलएफ 2 में बीेजपी पार्षद ज्योत्सना विपिन यादव के कार्यालय और घर के बाहर लगाए गए वाटर कूलर और पानी की टंकी को तोड़ दिया गया। इसे बिना परमिशन के अवैध कब्जे के रूप में लगा रखा था। अधिकारियों का तर्क है कि सड़क और सार्वजनिक रास्तों पर किया गया किसी भी तरह का कब्जा, चाहे वह सेवा के उद्देश्य से ही क्यों न हो, अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
वहीं डीएलएफ एक के प्रीमियम इलाके में स्थित क्रिकेटर विराट कोहली की कोठी के बाहर तोड़फोड़ दस्ते को किसी तरह का कोई अवैध कब्जा नहीं पाया। जिसके कारण वहां तोड़फोड़ नहीं हुई। विराट कोहली का बंगला करीब 80 करोड़ रुपए का है। फिलहाल विराट ने इसकी पावर ऑफ अटॉर्नी अपने भाई के नाम कर रखी है और खुद लंदन में पत्नी अनुष्का और बेटी के साथ रहते हैं।
