पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अभी पूरी तरह ठंडा भी नहीं हुआ था कि राज्य में नशे के काले कारोबार का विरोध करने पर एक और सनसनीखेज खूनी संघर्ष सामने आया है। गुरदासपुर जिले के श्री हरगोबिंदपुर साहिब के अंतर्गत आने वाले गांव माड़ी पन्नवां में नशा तस्करों का विरोध करने पर बदमाशों ने तीन लोगों पर तेजधार हथियारों से कातिलाना हमला कर दिया। इस भीषण हमले में बिक्रमजीत सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हैं।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव माड़ी पन्नवां में नशा बेचने वाले अक्सर खुलेआम गली-मोहल्लों में खड़े रहते हैं, जिसके कारण वहां से महिलाओं और युवतियों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया था। गुरुवार को जब स्थानीय लोगों ने तस्करों को वहां नशा बेचने से रोका, तो बात बढ़ गई। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे बदमाश हथियारों से लैस होकर आए थे और उनकी संख्या 15 से अधिक थी। उन्होंने सुनियोजित तरीके से बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले में तीनों लोग बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल बिक्रमजीत सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, निशान सिंह और गुरमुख सिंह की हालत भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
