फतेहाबाद, 7 नवंबर। हरियाणा में नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि अध्यापक अब सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज करने की तैयारी में हैं। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने 8 नवंबर को प्रदेशभर में काली दिवाली मनाने और 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक मार्च निकालकर घेराव करने की भी घोषणा की गई है।
फतेहाबाद के रतिया ब्लॉक स्थित कंबोज धर्मशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिथि अध्यापक संघ के जिला प्रधान सीएन भारती ने आंदोलन की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र लघु सचिवालय के सामने मॉक पार्लियामेंट आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक प्रदर्शन किया जाएगा।
आंदोलनकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से जारी नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर की प्रतियां जलाकर विरोध जताएंगे। संघ ने प्रदेशभर के अतिथि अध्यापकों, कर्मचारियों, किसानों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
21 साल से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे गेस्ट टीचर्स
सीएन भारती ने कहा कि अतिथि अध्यापक पिछले 21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित करने के बजाय अस्थायी व्यवस्था में रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को काली दिवाली मनाकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई जाएगी। वहीं, 15 नवंबर की मॉक पार्लियामेंट में नियमितीकरण, न्यायिक फैसलों और सरकार की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
स्पीकिंग ऑर्डर को बताया मनमाना
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव कृष्ण नैन ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये आदेश गलत और मनमाने हैं तथा न्यायिक आदेशों की भावना के अनुरूप नहीं हैं।
कृष्ण नैन के अनुसार, 16 और 18 जून 2014 को जारी तीन वर्षीय नियमितीकरण नीति में विभाग के स्पीकिंग ऑर्डर में बताई गई शर्तों का उल्लेख नहीं है। उनका दावा है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापक इस नीति की शर्तें पूरी करते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉलेज कैडर में कार्यरत अतिथि प्रोफेसरों को जून 2014 में नियमित किया जा चुका है, जबकि समान परिस्थितियों में काम करने वाले स्कूल कैडर के अतिथि अध्यापकों को नियमितीकरण का लाभ नहीं मिला।
न्यायिक फैसलों के बावजूद नियमित नहीं करने का आरोप
कृष्ण नैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मदन सिंह मामले और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सुखविंदर सिंह मामले में आए फैसलों के बावजूद अतिथि अध्यापकों को नियमितीकरण से वंचित रखा जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अदालतों ने अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया, मेरिट और लंबे समय से लगातार दी जा रही सेवाओं को महत्वपूर्ण माना है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर उनके दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने सरकार से न्यायिक फैसलों की भावना के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की।
समान काम के बावजूद वेतन और सेवा लाभ नहीं मिलने का मुद्दा
कर्मचारी नेता ने कहा कि अतिथि अध्यापक नियमित शिक्षकों की तरह पाठ्यक्रम पढ़ाने, परीक्षाओं और परिणामों से जुड़े कार्यों सहित स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों की जिम्मेदारियां निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित वेतनमान, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश, स्थानांतरण और पदोन्नति जैसे लाभ नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने इसे समान काम के लिए समान वेतन और कर्मचारी गरिमा के सिद्धांत के खिलाफ बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का भी हवाला दिया।
महिला अध्यापिकाएं भी आंदोलन में लेंगी हिस्सा
संघ की महिला विंग की अध्यक्ष पूनम कुमारी ने बताया कि कुरुक्षेत्र में चल रहे धरने के तहत प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार को महिला अध्यापिकाएं 24 घंटे की ड्यूटी देती हैं। इसी क्रम में 15 नवंबर को प्रदेशभर की महिला अध्यापिकाएं भी लघु सचिवालय के सामने धरने में शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारी नियमितीकरण की मांग और अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी करेंगी।
कर्मचारी और छात्र संगठनों ने दिया समर्थन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से जुड़े बिजली बोर्ड, फायर, नगरपालिका, मिड-डे मील और भवन निर्माण मजदूर यूनियन सहित विभिन्न संगठनों तथा छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने अतिथि अध्यापकों के आंदोलन को समर्थन दिया।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अतिथि अध्यापकों का धरना 23 जून से कुरुक्षेत्र में जारी है। उन्होंने सरकार से 2014 की तीन वर्षीय नीति के तहत नियमितीकरण की मांग पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विभिन्न विभागों के संगठन मिलकर व्यापक आंदोलन कर सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के फतेहाबाद जिला सचिव देवीलाल, हरजिंदर कंबोज, सुरजीत सचदेवा, भूदेव, प्रदेश कंबोज, रीना रानी, श्वेता, राजेंद्र बाटू, भूप सिंह, मलकीत सिंह, रघुवीर सिंह, पुष्पा कुमारी और किरण पाल कौर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
