हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 10,757 गेस्ट टीचर नौकरी पक्की कराने की मांग को लेकर रविवार को कुरुक्षेत्र में न्याय रैली कर रहे हैं। दोपहर ढाई बजे टीचर पिपली के पास ताज पार्क से पैदल चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। जीटी रोड पर ही पिपली मिनी जू के पास टीचर रुक गए और मुख्य सड़क पर ही बैठ गए।
लेडी गेस्ट टीचर्स सड़क पर ही छाती पीट-पीट सीएम-पीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। टीचर्स की रैली के चलते जीटी रोड पर गाड़ियों की कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे टीचर्स का पहला पड़ाव शाहाबाद में होगा। चंडीगढ़ पहुंचकर वे राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।
टीचरों की मांग है कि 2014 की तीन साल की नियमितीकरण नीति के तहत पात्र टीचरों को पक्का किया जाए। साथ ही, 28 मई 2014 से सेवा नियमित मानकर बकाया लाभ और 6% ब्याज दिया जाए। वे ग्रेच्युटी, पेंशन समेत अन्य देय लाभ देने की भी मांग कर रहे हैं। टीचरों का कहना है कि सरकार कोर्ट के आदेश को लागू करे।
इससे पहले, 10 अक्टूबर को टीचरों ने मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया था। टीचरों का 23 जून से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना भी जारी है।
प्रदर्शनकारी गेस्ट टीचर्स जीटी रोड के बीच बैठ गए। इसके चलते अंबाला की तरफ जाने वाला ट्रैफिक रुक गया। उसे सर्विस रोड से निकाला जा रहा है। पुलिस को सर्विस लेन से वाहन निकालने पड़े।
गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के स्टेट प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि सरकार 2014 में बनाई गई तीन साल की नियमितीकरण नीति लागू करे। जो शिक्षक इसकी शर्तें पूरी करते हैं, उनकी सेवाएं नियमित की जाएं। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, इसलिए सरकार को नियमितीकरण पर जल्द फैसला लेना चाहिए। वे जून 2014 से मिलने वाले लाभ भी देने की मांग कर रहे हैं।
26 अक्टूबर को विधायकों-मंत्रियों को देंगे ज्ञापन
गेस्ट टीचर्स ने आंदोलन आगे भी जारी रखने की तैयारी की है। 26 अक्टूबर को विधायकों और मंत्रियों को मांगों का ज्ञापन सौंपने की योजना है। इसके बाद 1 नवंबर को गुरुग्राम, कैथल, अंबाला, करनाल, हिसार और रोहतक में रैलियां करने की तैयारी है।
कोर्ट के फैसले के अनुसार 28 मई 2014 से नियमित मानने की मांग
गेस्ट टीचर्स के प्रवक्ता डॉ. अजय लोहान के मुताबिक, उनकी मांग है कि अदालत के फैसलों के अनुसार शिक्षकों को 28 मई 2014 से नियमित माना जाए। उनका कहना है कि नियमितीकरण की तारीख से बकाया राशि पर 6% ब्याज, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य देय लाभ दिए जाएं। शिक्षक नए नियमों में EPF, वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल लीव और नियमितीकरण का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने पर भी आपत्ति जता रहे हैं।
23 जून से लघु सचिवालय में धरना जारी
राज्य कार्यकारिणी सदस्य मेवा सिंह पिलानिया, बलजीत सिंह ढिल्लों और कुलदीप कुमार के मुताबिक, नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। शिक्षक चाहते हैं कि सरकार नियमितीकरण से जुड़े अदालती आदेशों को लागू करे।
