सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने 24 नवंबर को अंबाला में रेल रोकने की चेतावनी दी है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने अपने वादे के अनुसार कृषि कानूनों के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस नहीं लिए हैं। किसानों की इस चेतावनी के बाद गृह मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि किसानों पर दर्ज अधिकतर मुकदमे वापस ले लिए गए हैं। वहीं आज भी 294 मुकदमे वापस ले भी लिए गए हैं। विज ने किसानों से 24 नवंबर के कार्यक्रम को वापस लेने की अपील की है।

मंत्री विज ने बताया कि किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 294 केस ऐसे हैं, जो विड्राल भी हो चुके हैं। इसी के साथ रेलवे से संबंधित कुछ मामले रह गए थे। उन्हें लेकर भी विभाग की ओर से अप्रूवल मिल चुका है। इन मामलों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। मंत्री गृह मंत्री ने बताया कि किसान यूनियन के कुछ लोग उनसे मिलने भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सभी किसान नेताओं को बैठकर बातचीत करनी चाहिए। इसी के साथ विज ने कहा कि किसान नेताओं को रेल रोकने के कार्यक्रम को वापस लेने के लिए बैठकर करनी चाहिए, क्योंकि किसानों की मांग को सरकार ने मान लिया है।

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