हरियाणा के करनाल में एसडीएम, तहसीलदार और सुपरवाइजर पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाकर लापता हुए सरकारी स्कूल के हिंदी अध्यापक प्रदीप कुमार को पुलिस ने करीब सात घंटे बाद सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने उन्हें उनके चाचा के जरनैली कॉलोनी स्थित घर से खोज निकाला और शुक्रवार रात करीब 8 बजे परिवार के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट की जांच कर रही है।
प्रदीप कुमार कोहंड के पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिंदी शिक्षक हैं। उनकी चुनावी कार्य के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में भी ड्यूटी लगी हुई थी। शुक्रवार सुबह वह घर से निकले थे, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे लापता हो गए। इससे पहले उन्होंने अधिकारियों के एक ग्रुप में सुसाइड नोट भेजा, जिसमें घरौंडा के एसडीएम, तहसीलदार और सुपरवाइजर जितेंद्र सिंह पर मानसिक प्रताड़ना और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए।
ऐसे टीचर तक पहुंची पुलिस
नोट सामने आने के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। सबसे पहले सेक्टर-9 स्थित कॉन्वेंट स्कूल के पास प्रदीप कुमार की कार बरामद हुई। कार से उनके दो मोबाइल फोन भी मिले। इसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच में सामने आया कि प्रदीप कार वहीं छोड़कर ई-रिक्शा से आईटीआई चौक पहुंचे। वहां से उन्होंने दूसरी ई-रिक्शा ली और जरनैली कॉलोनी स्थित अपने चाचा के घर पहुंच गए। पुलिस ने इसी इनपुट के आधार पर उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
अपने नोट में प्रदीप कुमार ने लिखा कि वह 15 जून से चल रहे एसआईआर (SIR) कार्य के तहत मीटिंग में शामिल होने करनाल गए थे। डीसी की बैठक के बाद उन्हें घरौंडा के एसडीएम, तहसीलदार और सुपरवाइजर ने बुलाया, जहां उनकी समस्या सुनने के बजाय उन्हें धमकाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम ने कहा, “तुझे चार्जशीट कर दूंगा, तुझे नौकरी करनी सिखा दूंगा। सारी जिंदगी स्पष्टीकरण देता घूमेगा, इतनी आसानी से नहीं बचेगा।” प्रदीप ने लिखा कि 55 वर्ष की उम्र में वह इतना मानसिक दबाव सहन नहीं कर सकते और इसी कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाने का फैसला कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की भी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

