चंडीगढ़। हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स को नियमित करने की मांग को एक बार फिर झटका लगा है। सोमवार को गेस्ट टीचर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रिंसिपल चीफ सेक्रेटरी आरके खुल्लर के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। एसोसिएशन के अनुसार, खुल्लर ने स्पष्ट किया कि सरकार नियमितीकरण से इनकार करने वाला स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है और अब इसे वापस नहीं लिया जाएगा।
चंडीगढ़ में आरके खुल्लर के आवास पर करीब 30 मिनट तक बैठक चली। गेस्ट टीचर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि शिक्षकों ने हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकार से उन्हें नियमित करने की मांग रखी, लेकिन बातचीत में कोई सहमति नहीं बन सकी।
खुल्लर ने कहा- स्पीकिंग ऑर्डर वापस नहीं होगा
अजय लोहान के मुताबिक, बैठक में आरके खुल्लर ने कहा कि सरकार की ओर से स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया जा चुका है और इसे वापस नहीं लिया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से अन्य संभव सहयोग किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग ने 24 अक्टूबर 2026 को नियमितीकरण की मांग पर स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया था। इसमें 2014 की नीति के तहत गेस्ट टीचर्स को नियमित करने से इनकार किया गया है।
गेस्ट टीचर्स बोले- दूसरे कर्मचारियों को नियमित किया, हमें क्यों नहीं?
एसोसिएशन के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने कहा कि 2014 की पॉलिसी के तहत हारट्रोन के माध्यम से नियुक्त 58 कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है। इसके अलावा कॉलेजों में लेक्चरर और स्कूलों में विज्ञापन के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों को भी नियमित किया गया है।
उनका कहना है कि गेस्ट टीचर्स भी लंबे समय से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी नियमितीकरण की मांग पर अब तक सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया।
हाईकोर्ट से केस जीतने के बाद भी नियमित नहीं करने का आरोप
अजय लोहान ने कहा कि गेस्ट टीचर्स नियमितीकरण के मामले में कोर्ट से फैसला अपने पक्ष में आने का दावा कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें नियमित नहीं कर रही। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने के बजाय कोर्ट के फैसले को लागू करे और तीन साल की पॉलिसी के तहत शिक्षकों को नियमित किया जाए।
21 अक्टूबर को सिरसा से शुरू की थी न्याय यात्रा
गेस्ट टीचर्स ने अपनी मांगों को लेकर 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की थी। शिक्षकों का चंडीगढ़ पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम था। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनकी बातचीत करवाने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में सोमवार को एसोसिएशन की आरके खुल्लर के साथ बैठक हुई।
24 अक्टूबर के स्पीकिंग ऑर्डर में क्या कहा गया?
स्कूल शिक्षा विभाग ने सुखविंदर सिंह व अन्य गेस्ट टीचर्स की नियमितीकरण की मांग पर जारी आदेश में कई आधार बताते हुए इसे खारिज किया है।
- नियुक्ति अस्थायी व्यवस्था थी: विभाग के अनुसार, वर्ष 2005 से शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए गेस्ट टीचर्स को पीरियड के हिसाब से रखा गया था। इसे नियमित नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
- नियमित भर्ती की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई: विभाग ने कहा कि नियुक्ति के समय नियमित भर्ती की तरह परीक्षा और मेरिट के आधार पर चयन नहीं हुआ था। आरक्षण संबंधी नियमों का पालन भी नहीं किया गया था।
- लंबी सेवा से नियमितीकरण का अधिकार नहीं: विभाग का तर्क है कि करीब 20 साल तक सेवा देने मात्र से नियमित होने का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके लिए 2014 की पॉलिसी की शर्तें पूरी करना जरूरी है।
- 2019 के कानून का हवाला: विभाग ने हरियाणा गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट-2019 और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून में सेवा जारी रखने की सुरक्षा है, लेकिन नियमित करने का प्रावधान नहीं है।
आगे आंदोलन जारी रखने की तैयारी
बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद गेस्ट टीचर्स की नियमितीकरण की मांग लंबित है। एसोसिएशन सरकार से स्पीकिंग ऑर्डर वापस लेने और कोर्ट के फैसले के अनुसार नियमितीकरण की मांग कर रही है। वहीं, विभाग अपने आदेश में दिए गए कानूनी और भर्ती प्रक्रिया संबंधी आधारों पर कायम है।

