धान की फसल में मौसम की मार व फसल में बीमारी के बाद अब किसान अपनी मेहनत को लेकर मंडी में पहुंचने लगे है। किसानों का कहना है कि उनकी परेशानी यहां भी कम नहीं हो रही है। उनका कहना है कि प्राइवेट खरीद एजेंसियां फसल को मनमाने भाव पर खरीद रही है। जिसके चलते इस बार किसानों की धान की फसल में आया खर्च भी पूरा नहीं होगा। वहीं मार्किट कमेटी सचिव ने कहा किआज से मंडी में सरकारी खरीद का काम शुरू होगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
अनाजमंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि इस बार जहां उनकी काफी फसल पहले ही बेमौसमी बरसात व बीमारी से खराब हो चुकी है, ऐसे में अब मंडी में जो फसल बिक्री के लिए किसान लेकर पहुंच रहे है, उन्हें उस फसल का भी उचित भाव नहीं मिल रहा है। प्राइवेट खरीद एजेंसियां प्रतिदिन भाव घटा रही है, जिससे इस बार किसानों का ख़र्च भी पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
वहीं मार्किट कमेटी के सचिव दीपक सुहाग ने बताया कि कल से मंडी में सरकारी खरीद का काम शुरू कर दिया जाएगा। जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि रादौर अनाज मंडी में हैफड व वेयरहाउस द्वारा खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक मंडी में 38 हजार 8 सौ अठारह आवक हो चुकी है, जबकि पिछले साल केवल 19 हजार 1 सौ 10 किवंटल आवक हुई थी। उन्होंने बताया कि मंडी में आने वाली धान की एमएसपी पर खरीद की जाएगी। धान के ए ग्रेड का 2 हजार 60 रुपए, जबकि सामान्य किस्म का 2 हजार 40 रुपए एमएसपी निर्धारित किया गया है।
