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गोल्डी हत्याकांड मामला: वारदात में प्रयुक्त कार-पिस्तौल बरामद करने के लिए दो दिन से सहारनपुर में पुलिस

हरियाणा के करनाल जिले के गांव गोंदर निवासी गोल्डी की हत्या करने वाले आरोपी अजीत उर्फ जीत राणा की कार और पिस्तौल बरामद करने के लिए पुलिस की सीआईए टू टीम दो दिन से सहारनपुर में है। आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया कि उसने वारदात के बाद कार और पिस्तौल सहारनपुर जिले के गांव रंगखंडी में छिपा रखी है। इस गांव में आरोपी के मामा रहते हैं। इसलिए उसका इस गांव में आना जाना है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों से आरोपी ने अवैध पिस्तौल खरीदी थी, उनके बारे में पूछताछ चल रही है।

इंस्पेक्टर मोहन लाल ने बताया कि 2 दिसंबर को निसिंग के जीत पैलेस में पूर्व सरपंच राजेंद्र के बेटे की शादी का कार्यक्रम था। समारोह में पूरे गांव को बुलाया गया था। वहां पर गोंदर गांव के अजीत व गोल्डी के बीच शराब पीने को लेकर कहासुनी हुई। मौजूद लोगों ने दोनों को समझाकर शांत करवा दिया। अजीत उसी तकरार की रंजिश पाले था कि सबके सामने उसकी बेइज्ज्ती कर हुई। सारे गांव के सामने हुई बेइज्जती का बदला लेने की नियत से देर रात 25 वर्षीय गोल्डी को अजीत ने गोली मार दी।

गोल्डी ने शुक्रवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद अजीत घर से गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद अपने मामा के घर यूपी चला गया था। वहां से दिल्ली होते हुए नोएडा पहुंचा था। लेकिन सेक्टर-4 करनाल से वह पुलिस के हाथ लग गया। रिमांड के दौरान गाड़ी, हथियार व अन्य बरामदगी और अन्य लोगों की पहचान की जाएगी। इसके लिए पुलिस दो दिन से सहारनपुर में डेरा डाले हुए है। बता दें कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

गोल्डी के मौसा नरेंद्र सिंह ने बताया कि 2 दिसंबर को गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र के बेटे की शादी का प्रोग्राम निसिंग के एक पैलेस में था। वहां गोल्डी और गांव में ही रहने वाले अजीत के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उस समय दोनों के बीच समझौता करवा दिया। उसी दिन शाम को अजीत के चाचा के बेटे चरणा और पम्मी बाइक पर गोल्डी के घर पहुंचा और उसे फोन करके बाहर बुलाया। गली में थोड़ी देर बातचीत करने के बाद चरणा और पम्मी बाइक पर गोल्डी को बैठाकर अजीत के घर ले गए।

नरेंद्र सिंह के अनुसार, वहां अजीत और उसके परिवार के सदस्यों ने पहले गोल्डी से मारपीट की और फिर उसे गोली मारकर नहर किनारे फेंक दिया। इस घटना के आधे घंटे बाद उन्हें एक रिश्तेदार ने फोन करके बताया कि गोल्डी को गोली लगी है और वह नहर किनारे पड़ा है। परिवार के सदस्य आनन-फानन मौके पर पहुंचे तो गोल्डी की सांसें चल रही थी। वह तुरंत उसे निसिंग अस्पताल ले गए जहां से उसे करनाल रेफर कर दिया गया। परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में अजीत, उसके पिता, चाचा संजय, चचेरे भाई चरणा और दो अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट और गोली मारने का आरोप लगाया।

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