भारतीय सेना ने कहा कि पाकिस्तान ने अमृतसर के गोल्डन टेंपल पर निशाना बनाकर मिसाइल दागी थी। जिसे भारतीय एयर डिफेंस ने नाकाम कर दिया था। सेना के जवानों ने पंजाब में मार गिराए गए पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल के मलबे भी दिखाए।
वहीं पंजाब में इंटरनेशनल बॉर्डर पर तैनात एक जवान ने कहा कि, 8-9 मई की रात को पाकिस्तान ने अचानक फायरिंग की और घुसपैठ की कोशिश की। जिसे हमने नाकाम कर दिया। हमारी फायरिंग का नतीजा ये हुआ कि सुबह होते-होते दुश्मन घुटनों के बल पर आ गए और अपनी पोस्ट पर सफेद झंडा फहरा दिया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना ने एक और नया वीडियो जारी किया। इसमें सेना ने दिखाया कि पाकिस्तान की तरफ से दागे गए ड्रोन को कैसे मार गिराया। वेस्टर्न कमांड ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि, हमने जमीन से आसमान की रक्षा की।
जम्मू-कश्मीर में शोपियां के डीके पोरा इलाके में आर्मी और CRPF ने जॉइंट ऑपरेशन में आतंकियों की मदद करने वाले दो सहयोगियों को अरेस्ट किया है। इनके पास से दो पिस्तौल, चार ग्रेनेड, 43 कारतूस बरामद किया गया।
SGPC चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मनन का बड़ा बयान ?
लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की राय इससे अलग है। एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मनन का कहना है कि वह ऐसा नहीं मानते कि पाकिस्तान की तरफ से गोल्डन टेंपल को टारगेट किया जा सकता है। वह कहते हैं, ‘भारत की सेना हो या फिर पाकिस्तान की आर्मी हो, दोनों के कुछ राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं। मेरा यकीन है कि दोनों सेनाओं का कोई भी जनरल या फिर आर्मी कमांडर स्वर्ण मंदिर पर हमले की बात नहीं कर सकता।’
वह कहते हैं, ‘मेरा यकीन है कि कोई भी जनरल यह सोच भी नहीं सकता कि उसे दरबार साहिब पर हमला करना चाहिए। यह ऐसी जगह है, जहां जिंदगी बख्शी जाती है। हमें नहीं पता कि यहां कितनी ही प्रार्थनाएं स्वीकार होती हैं। हर दिन यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।’ उन्होंने कहा कि स्वर्ण मंदिर आने वाले लोगों की संख्या में भी कोई कमी नहीं आई है। वह कहते हैं कि यहां अब भी पहले की तरह हजारों लोग आ रहे हैं। हर दिन और रात को यहां लाखों लोग मत्था टेकते हैं।
एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मनन का कहना है कि वह ऐसा नहीं मानते कि पाकिस्तान की तरफ से गोल्डन टेंपल को टारगेट किया जा सकता है। वह कहते हैं, ‘भारत की सेना हो या फिर पाकिस्तान की, दोनों के राजनीतिक मकसद हो सकते हैं। मेरा यकीन है कि दोनों में कोई स्वर्ण मंदिर पर हमले की बात नहीं कर सकता।’
पाकिस्तान ने सिख पंथ के पवित्र स्थान स्वर्ण मंदिर को भी हवाई हमले का टारगेट बनाने की कोशिश की थी। उसके हमले की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना एडवांस डिफेंस सिस्टम के जरिए पवित्र स्थान को कवर दिया था और दुश्मन के हमलों को नाकाम कर दिया। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की राय इससे अलग है। एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मनन का कहना है कि वह ऐसा नहीं मानते कि पाकिस्तान की तरफ से गोल्डन टेंपल को टारगेट किया जा सकता है। वह कहते हैं, ‘भारत की सेना हो या फिर पाकिस्तान की आर्मी हो, दोनों के कुछ राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं। मेरा यकीन है कि दोनों सेनाओं का कोई भी जनरल या फिर आर्मी कमांडर स्वर्ण मंदिर पर हमले की बात नहीं कर सकता।’
वह कहते हैं, ‘मेरा यकीन है कि कोई भी जनरल यह सोच भी नहीं सकता कि उसे दरबार साहिब पर हमला करना चाहिए। यह ऐसी जगह है, जहां जिंदगी बख्शी जाती है। हमें नहीं पता कि यहां कितनी ही प्रार्थनाएं स्वीकार होती हैं। हर दिन यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।’ उन्होंने कहा कि स्वर्ण मंदिर आने वाले लोगों की संख्या में भी कोई कमी नहीं आई है। वह कहते हैं कि यहां अब भी पहले की तरह हजारों लोग आ रहे हैं। हर दिन और रात को यहां लाखों लोग मत्था टेकते हैं।
वहीं जब उनसे सेना के बयान पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि मैं ऐसी बातों में यकीन नहीं करता कि पाकिस्तान की ओर से इस पर अटैक हो सकता है। कुलवंत सिंह ने कहा कि स्वर्ण मंदिर आने वाले लोगों में किसी भी तरह का डर नहीं है। वे पहले की तरह ही आ रहे हैं। हर दिन लगातार लाखों लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी बातों में यकीन नहीं करता कि पाकिस्तान की सेना स्वर्ण मंदिर को अटैक करना चाहती थी।
दरअसल भारतीय सेना के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से गोल्डन टेंपल को निशाना बनाने की कोशिश हुई। फिर अटैक भी किया गया, लेकिन भारतीय सेना ने आकाश और एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से हमले को आसमान में ही रोक लिया गया। गौरतलब है कि भारत की तरफ से लॉन्च हुआ था। इसमें पाकिस्तान में सक्रिय 9 आतंकी ठिकाने तबाह हुए थे और करीब 100 आतंकी मारे गए थे। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत से जंग ही शुरू कर दी थी।

